2 जून 2026 : हरियाणा सरकार ने प्री-जीएसटी कर कानूनों के तहत लंबित कर विवादों को समाप्त करने के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS)-2026 योजना शुरू की है। यह योजना 1 जून 2026 से 120 दिनों के लिए लागू की गई है और इसका उद्देश्य पुराने VAT, CST तथा अन्य कर मामलों से जुड़े विवादों को कम करना है।
योजना के तहत जिन करदाताओं पर किसी आकलन वर्ष में 1 लाख रुपये तक का बकाया कर है, उन्हें कर, ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। ऐसे मामलों में करदाता को अलग से आवेदन करने की भी आवश्यकता नहीं होगी।
1 लाख रुपये से अधिक बकाया वाले मामलों में भी विभिन्न श्रेणियों के अनुसार कर में आंशिक छूट दी जाएगी। VAT और CST जैसे मामलों में 1 लाख से 10 लाख रुपये तक की देनदारी पर 60 प्रतिशत तक कर राहत उपलब्ध होगी, जबकि ब्याज और जुर्माने पर पूर्ण छूट दी जाएगी।
पुराने हरियाणा जनरल सेल्स टैक्स एक्ट, 1973 के मामलों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। इस श्रेणी में 1 लाख रुपये से अधिक की देनदारी पर 70 प्रतिशत तक कर छूट और ब्याज व पेनल्टी पर 100 प्रतिशत राहत दी जाएगी।
यदि कर मांग केवल Form-C, Form-F या अन्य वैधानिक फॉर्म जमा न करने के कारण बनी है, तो करदाता इन दस्तावेजों को जमा कर राहत प्राप्त कर सकते हैं।
सरकार का मानना है कि यह योजना वर्षों से लंबित कर विवादों को समाप्त करने, मुकदमेबाजी कम करने और व्यापारियों को वित्तीय राहत देने में मदद करेगी। आवेदन ऑनलाइन किए जा सकेंगे और पात्र करदाताओं को निर्धारित अवधि के भीतर योजना का लाभ लेना होगा।
