9 मई 2026 : हरियाणा में दर्ज होने वाली हर पांचवीं एफआईआर को जांच में झूठा पाया गया है। यह खुलासा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट में सामने आया है।
रिपोर्ट के अनुसार झूठी एफआईआर के मामलों में हरियाणा देशभर में सबसे ऊपर बताया गया है, जिसने कानून व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि झूठे मामलों की अधिक संख्या से पुलिस और न्याय व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे वास्तविक मामलों की जांच प्रभावित हो सकती है।
जानकारी के अनुसार कई मामलों में व्यक्तिगत विवाद, संपत्ति संबंधी संघर्ष और सामाजिक तनाव झूठी शिकायतों की वजह बनते हैं।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि झूठी एफआईआर दर्ज करवाने पर सख्त कार्रवाई और जागरूकता दोनों जरूरी हैं, ताकि कानून का दुरुपयोग रोका जा सके।
इस रिपोर्ट के बाद पुलिस कार्यप्रणाली और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
विशेषज्ञों ने निष्पक्ष जांच और तकनीकी साक्ष्यों के उपयोग को बढ़ाने की आवश्यकता बताई है, ताकि सही मामलों की पहचान बेहतर तरीके से हो सके।
कुल मिलाकर एनसीआरबी रिपोर्ट में हरियाणा में झूठी एफआईआर के अधिक मामलों का सामने आना कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है।
