8 मई 2026 : हरियाणा सरकार ने स्कूलों और अस्पतालों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। राज्य में अब स्कूलों, अस्पतालों और अन्य संवेदनशील संस्थानों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली तारों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य संभावित हादसों को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
जानकारी के अनुसार, कई क्षेत्रों में स्कूलों और अस्पतालों के ऊपर या बेहद करीब से हाईटेंशन बिजली लाइनें गुजर रही हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
हरियाणा बिजली विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे सभी स्थानों की पहचान कर जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
अधिकारियों के मुताबिक, बिजली निगमों के वरिष्ठ अधिकारी खुद इस पूरे अभियान की निगरानी करेंगे ताकि कार्य में किसी तरह की लापरवाही न हो।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाईटेंशन तारों के पास रहने या पढ़ाई करने से सुरक्षा जोखिम बढ़ जाता है, खासकर खराब मौसम या तकनीकी खराबी की स्थिति में।
हरियाणा में समय-समय पर बिजली तारों से जुड़े हादसे सामने आते रहे हैं, जिसके बाद सुरक्षा उपायों की मांग उठती रही है।
सरकार ने संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिए हैं कि कार्य के दौरान बिजली आपूर्ति और सार्वजनिक सुविधाओं पर न्यूनतम असर पड़े।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे बच्चों और मरीजों की सुरक्षा बेहतर होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते निर्माण कार्यों के बीच बिजली ढांचे की सुरक्षा और योजना पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
फिलहाल, विभाग की टीमें विभिन्न जिलों में सर्वे का काम शुरू कर चुकी हैं और प्राथमिकता के आधार पर कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर बुनियादी ढांचे में सुधार और नियमित निगरानी कितनी जरूरी है।
