24 अगस्त 2026 हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के एक वर्ग को जाति प्रमाण पत्र में ‘चमार’ की जगह ‘मेघवाल’ नाम इस्तेमाल करने का विकल्प देने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मांगेगी। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा रविवार को बावल में आयोजित समरसता सम्मेलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान की।
मेघवाल उत्थान समिति की मांग पर लिया फैसला
मुख्यमंत्री सैनी ने बताया कि मेघवाल उत्थान समिति ने उनके सामने 10 मांगें रखी थीं। इनमें जाति प्रमाण पत्र में ‘मेघवाल’ नाम इस्तेमाल करने की अनुमति देने की मांग भी शामिल थी।
सैनी ने समिति की सभी 10 मांगों को स्वीकार करते हुए कहा कि इन्हें संबंधित विभागों को भेजा जाएगा और आवश्यक मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने संगठन के लिए 31 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की भी घोषणा की।
‘चमार’ शब्द को लेकर समुदाय की आपत्ति
हरियाणा में ‘चमार’ अनुसूचित जाति की सूची में शामिल है, लेकिन समुदाय के एक वर्ग का कहना है कि इस शब्द से ऐतिहासिक और सामाजिक भेदभाव से जुड़ा कलंक जुड़ा हुआ है।
समुदाय के कुछ लोग लंबे समय से सरकारी दस्तावेजों में अपनी पहचान के लिए ‘मेघवाल’ नाम इस्तेमाल करने की मांग करते रहे हैं। राजस्थान में भी ‘मेघवाल’ नाम का व्यापक इस्तेमाल होता है।
केंद्र सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव
CM सैनी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस बदलाव को अपने स्तर पर लागू करने के बजाय केंद्र सरकार से अनुमति मांगेगी। इसके लिए औपचारिक सिफारिश भेजी जाएगी।
यदि केंद्र से मंजूरी मिलती है, तो संबंधित समुदाय के सदस्यों को जाति प्रमाण पत्र में ‘मेघवाल’ नाम इस्तेमाल करने का विकल्प मिल सकता है।
रेगिस्तानी क्षेत्र से जुड़ी पहचान नहीं, सम्मान का मुद्दा
मुख्यमंत्री ने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि समाज में हर पहचान का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता केवल एक दिन मनाया जाने वाला कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन जीने का तरीका है।
उन्होंने यह भी कहा कि समरसता का अर्थ किसी की पहचान मिटाना नहीं, बल्कि समाज की एकता को मजबूत करते हुए हर पहचान को समान सम्मान देना है।
धर्मशाला और लाइब्रेरी को लेकर भी घोषणाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रेवाड़ी और बावल में धर्मशालाओं के निर्माण की मांग पर भी सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा उपयुक्त स्थान चिन्हित किए जाने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सैनी ने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर पंचायत में लाइब्रेरी स्थापित करना है। उनके अनुसार, हरियाणा में लगभग 1,000 लाइब्रेरी पहले ही खोली जा चुकी हैं और इस पहल को जल्द ही हर गांव तक विस्तार दिया जाएगा।
आगे केंद्र की मंजूरी पर नजर
फिलहाल ‘चमार’ की जगह ‘मेघवाल’ नाम इस्तेमाल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाना है। इसके बाद केंद्र की मंजूरी और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया तय करेगी कि यह बदलाव किस तरह लागू किया जाएगा।
कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार ने SC समुदाय के एक वर्ग की मांग को स्वीकार करते हुए जाति प्रमाण पत्र में ‘मेघवाल’ नाम इस्तेमाल करने का विकल्प देने के लिए केंद्र से मंजूरी लेने का फैसला किया है। CM नायब सिंह सैनी ने मेघवाल उत्थान समिति की 10 मांगें स्वीकार करने के साथ संगठन के लिए 31 लाख रुपये की अनुदान राशि की भी घोषणा की है।
