26 जून 2026 : Guru Angad Dev Veterinary and Animal Sciences University ने छोटे आकार के अंडों को आर्थिक अवसर में बदलने की दिशा में एक अभिनव पहल की है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे अंडों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित कर किसानों, पोल्ट्री उत्पादकों और उद्यमियों की आय बढ़ाना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, छोटे आकार के अंडों की बाजार में मांग अपेक्षाकृत कम होती है, जिसके कारण पोल्ट्री उत्पादकों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता। विश्वविद्यालय ने इनके वैकल्पिक उपयोग और मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) पर काम कर इन्हें आय का नया स्रोत बनाने की दिशा में प्रयास किए हैं।
इस पहल के तहत छोटे अंडों से विभिन्न खाद्य उत्पाद तैयार करने, प्रसंस्करण तकनीकों को बढ़ावा देने और लघु उद्यमों के लिए नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे पोल्ट्री क्षेत्र में उत्पादों की बर्बादी भी कम हो सकती है।
विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि छोटे अंडों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जाए तो किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकता है। साथ ही उपभोक्ताओं को भी विविध और किफायती उत्पाद उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
इस पहल के माध्यम से किसानों और पोल्ट्री उद्यमियों को प्रशिक्षण तथा तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे छोटे अंडों का अधिक प्रभावी ढंग से व्यावसायिक उपयोग कर सकें।
विशेषज्ञों का कहना है कि नवाचार और मूल्य संवर्धन आधारित ऐसे प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पोल्ट्री उद्योग की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
