16 मई 2026 : धान की खेती करने वाले किसानों के बीच ईंधन की बढ़ती कीमतों और उर्वरकों की कमी को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
जानकारी के अनुसार पेट्रोल और डीजल महंगे होने से खेती की लागत पर सीधा असर पड़ रहा है, जबकि खाद की उपलब्धता में कमी किसानों के लिए अतिरिक्त परेशानी बन रही है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि धान की बुवाई और सिंचाई जैसे कार्यों में ईंधन की बड़ी भूमिका होती है, इसलिए कीमतों में बढ़ोतरी उत्पादन लागत बढ़ा सकती है।
किसानों का कहना है कि समय पर पर्याप्त उर्वरक नहीं मिलने से फसल की तैयारी और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
विशेषज्ञों के अनुसार कृषि क्षेत्र में लागत बढ़ने का असर आगे चलकर बाजार कीमतों और खाद्य आपूर्ति पर भी दिखाई दे सकता है।
कई किसान संगठनों ने सरकार से ईंधन कीमतों में राहत और उर्वरकों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
कृषि विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आपूर्ति व्यवस्था सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर बढ़ती लागत और खाद की कमी ने धान किसानों की चिंता बढ़ा दी है तथा कृषि क्षेत्र पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
