13 मई 2026 : नूंह में भारी जलभराव के कारण पांच हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि प्रभावित होने के बाद किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।
जानकारी के अनुसार लगातार पानी भरने से खेतों में खड़ी फसलें खराब हो गईं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण समस्या और गंभीर हो गई है।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करने और राहत राशि देने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अनियमित मौसम और कमजोर जल निकासी व्यवस्था कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में किसानों को इस तरह के नुकसान से बचाया जा सके।
कुल मिलाकर नूंह में जलभराव से हजारों एकड़ फसल खराब होने के बाद किसानों की आर्थिक चिंता और बढ़ गई है।
