5 मई 2026 : दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा फॉर्म जमा करने से जुड़े नियमों को लेकर स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन माध्यम से फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख 7 मई तय की गई है।
यह डेडलाइन उन छात्रों के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण है, जिन्होंने किसी कारणवश समय पर ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरा या जिनके आवेदन में किसी प्रकार की त्रुटि रह गई थी। ऐसे छात्रों को अंतिम अवसर देते हुए ऑफलाइन सबमिशन की अनुमति दी गई है।
हालांकि, विश्वविद्यालय के आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, नियमित परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया मुख्य रूप से ऑनलाइन ही रखी गई थी। बिना लेट फीस के अंतिम तिथि 10 अप्रैल 2026 तक थी, जबकि लेट फीस के साथ यह अवधि 30 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई गई थी।
इसके बाद अब सीमित परिस्थितियों में ऑफलाइन फॉर्म जमा करने का विकल्प दिया गया है, जिसकी अंतिम तारीख 7 मई निर्धारित की गई है। यह उन छात्रों के लिए “लास्ट चांस” माना जा रहा है, जो अब तक आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तारीख के बाद किसी भी छात्र का परीक्षा फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे में यदि कोई छात्र इस अवसर को चूकता है, तो उसे आगामी सेमेस्टर या परीक्षा सत्र का इंतजार करना पड़ सकता है।
इसके साथ ही कॉलेज और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों के फॉर्म का समय पर सत्यापन करें, ताकि एडमिट कार्ड जारी करने में कोई देरी न हो। आमतौर पर फॉर्म वेरिफिकेशन के बाद ही एडमिट कार्ड जारी किए जाते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र अंतिम तारीख तक फॉर्म भरने में देरी करते हैं, जिससे उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे में समय पर प्रक्रिया पूरी करना बेहद जरूरी है।
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने संबंधित कॉलेज या विभाग से संपर्क कर ऑफलाइन सबमिशन की प्रक्रिया को सही तरीके से समझ लें और सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ समय पर फॉर्म जमा करें।
नई दिल्ली में स्थित DU के विभिन्न कॉलेजों में इन दिनों फॉर्म जमा करने को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। छात्र अंतिम समय में अपनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हुए हैं।
फिलहाल, यह डेडलाइन छात्रों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है और इसे किसी भी हालत में मिस न करने की सलाह दी जा रही है।
यह घटनाक्रम यह दर्शाता है कि परीक्षा से जुड़ी औपचारिकताओं में समयबद्धता कितनी जरूरी होती है।
