28 सितंबर 2026 दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 214.12 करोड़ रुपये की लागत वाली 53 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत इन परियोजनाओं की शुरुआत की। ये विकास कार्य किराड़ी, बवाना, मुंडका, नरेला और नांगलोई जाट विधानसभा क्षेत्रों की 27 अनधिकृत कॉलोनियों में किए जाएंगे। परियोजनाओं से करीब 1.75 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सड़क, नाली और ड्रेनेज पर रहेगा जोर
दिल्ली सरकार के अनुसार, इन 53 परियोजनाओं के तहत 27 अनधिकृत कॉलोनियों में 1,062 सड़क और गलियों का विकास किया जाएगा। इसके अलावा करीब 89.82 किलोमीटर सड़क नेटवर्क और 147.69 किलोमीटर ड्रेनेज नेटवर्क विकसित किया जाएगा।
इन इलाकों में लंबे समय से खराब सड़कों, जलभराव और जल निकासी से जुड़ी समस्याएं सामने आती रही हैं। प्रस्तावित विकास कार्यों में सड़कों के साथ-साथ नालियों, सीवरेज और बारिश के पानी की निकासी से संबंधित बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
किराड़ी में सबसे ज्यादा विकास कार्य
कुल 53 परियोजनाओं में से सबसे बड़ा हिस्सा किराड़ी विधानसभा क्षेत्र में रखा गया है। यहां 14 अनधिकृत कॉलोनियों में 27 विकास कार्य किए जाएंगे, जिनकी अनुमानित लागत 105.51 करोड़ रुपये है।
किराड़ी में 640 सड़क और गलियों का विकास प्रस्तावित है। इसके अलावा करीब 50.71 किलोमीटर सड़क और 101.42 किलोमीटर ड्रेनेज नेटवर्क विकसित किया जाएगा। बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रस्तावित स्टॉर्मवॉटर ड्रेनेज नेटवर्क से जलभराव की समस्या कम करने का उद्देश्य रखा गया है।
बवाना, मुंडका और नरेला में भी काम
बवाना विधानसभा क्षेत्र में नौ विकास कार्य किए जाएंगे, जिन पर 38.83 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। मुंडका में पांच परियोजनाओं के लिए 22.05 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
वहीं, नरेला विधानसभा क्षेत्र में चार विकास कार्यों पर 14.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नांगलोई जाट में आठ परियोजनाएं 33.25 करोड़ रुपये की लागत से पूरी की जानी हैं। इस तरह पांचों विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, नाली और ड्रेनेज से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
जलभराव की समस्या पर भी ध्यान
इन परियोजनाओं का एक प्रमुख हिस्सा बारिश के पानी की निकासी से जुड़ा है। दिल्ली की कई अनधिकृत कॉलोनियों में मानसून के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती रही है। ऐसे में नए ड्रेनेज नेटवर्क को स्थानीय जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से विकसित किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, पक्की सड़कों और गलियों के विकास से स्थानीय आवागमन में सुधार के साथ-साथ कच्ची और क्षतिग्रस्त सतहों से उठने वाली धूल को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
करीब 1.75 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद
इन परियोजनाओं का दायरा पांच विधानसभा क्षेत्रों की 27 अनधिकृत कॉलोनियों तक है। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 1.75 लाख निवासियों को इन विकास कार्यों से लाभ मिलने की उम्मीद है।
परियोजनाओं के तहत सड़क, सीवर, नाली और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इन कार्यों के पूरा होने के बाद संबंधित इलाकों में स्थानीय कनेक्टिविटी और जल निकासी व्यवस्था में सुधार का लक्ष्य है।
दिल्ली सरकार का बुनियादी सुविधाओं पर जोर
परियोजनाओं के शिलान्यास के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सड़कों, नालियों, सीवरेज और ड्रेनेज जैसी सुविधाएं नागरिकों की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हैं। दिल्ली सरकार के अनुसार, विकास कार्यों को उन इलाकों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है जहां लंबे समय से बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं।
इन 53 परियोजनाओं के जरिए दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों में स्थानीय स्तर पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना है। अब इन कार्यों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा।
