29 जून 2026 : दिल्ली के मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) ने सड़क हादसे में स्थायी रूप से दिव्यांग हुए एक व्यक्ति को 23 लाख रुपये से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है। ट्रिब्यूनल ने माना कि हादसा कार चालक की तेज और लापरवाही से ड्राइविंग के कारण हुआ था।
यह मामला दिल्ली के नजफगढ़ इलाके का है, जहां साल 2020 में एक सड़क हादसे में पीड़ित व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे के बाद उसकी कार्यक्षमता प्रभावित हुई और उसे लंबे समय तक शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सब्जी विक्रेता था पीड़ित
ट्रिब्यूनल में दायर याचिका के अनुसार, पीड़ित परम आनंद राय सब्जी बेचने का काम करते थे। सड़क पार करते समय एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिसके बाद उन्हें गंभीर चोटें आईं।
मामले की सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने पुलिस रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों के आधार पर फैसला सुनाया।
लापरवाही से ड्राइविंग को माना कारण
ट्रिब्यूनल ने कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड से साबित होता है कि दुर्घटना वाहन चालक की लापरवाही के कारण हुई। अदालत ने पीड़ित की शारीरिक स्थिति और कमाई पर पड़े असर को ध्यान में रखते हुए मुआवजे की राशि तय की।
पीड़ित की कार्यात्मक दिव्यांगता और भविष्य में कमाई की क्षमता पर असर को देखते हुए मुआवजे में इलाज, आर्थिक नुकसान और अन्य संबंधित मदों को शामिल किया गया।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठा सवाल
यह फैसला एक बार फिर सड़क हादसों में लापरवाह ड्राइविंग के गंभीर परिणामों को सामने लाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज गति और यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाले हादसे लोगों के जीवन पर लंबे समय तक असर डाल सकते हैं।
