25 सितंबर 2026 दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान नोटिस पाने वाले कई प्रमुख मतदाताओं के विवरण का क्षेत्रीय सत्यापन पूरा कर लिया गया है। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, सत्यापन के बाद इन मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। इनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, विदेश मंत्री एस जयशंकर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं।
SIR के दौरान क्यों जारी किए गए थे नोटिस?
दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कई मतदाताओं के गणना प्रपत्रों में विसंगतियां सामने आई थीं। अधिकारियों के अनुसार, प्रमुख मतदाताओं में से कई के रिकॉर्ड को दिल्ली में वर्ष 2002 में हुए पिछले SIR के रिकॉर्ड से “unmapped with last SIR” के तौर पर चिन्हित किया गया था।
इनमें से बड़ी संख्या में मतदाता नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में पंजीकृत हैं। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस जारी करने का उद्देश्य मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करना और उनके विवरण का सत्यापन करना था।
BLO की टीमों ने घर जाकर किया सत्यापन
पिछले कुछ दिनों में निर्वाचन अधिकारियों और बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) की टीमों ने संबंधित मतदाताओं के विवरण की जांच की। अधिकारियों ने निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित सहायक दस्तावेजों के आधार पर मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया।
सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अधिकारियों ने ऐसे प्रमुख मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखे हैं।
इन प्रमुख नामों को मिला नोटिस
SIR प्रक्रिया के दौरान जिन प्रमुख लोगों के नाम सामने आए, उनमें एलके आडवाणी, जगदीप धनखड़, एस जयशंकर, रेखा गुप्ता और अरविंद केजरीवाल शामिल हैं।
इसके अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी और कपिल सिब्बल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, पूर्व नीति आयोग उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया, भाजपा विधायक कैलाश गहलोत, पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद समेत अन्य प्रमुख मतदाताओं को भी नोटिस जारी किए गए थे।
नोटिस का मतलब नाम हटना नहीं
निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि SIR के दौरान किसी मतदाता को नोटिस जारी किए जाने का मतलब यह नहीं है कि उसका नाम निश्चित रूप से मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। नोटिस के जरिए संबंधित मतदाता को अपना विवरण और पात्रता साबित करने का अवसर दिया जाता है।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक, किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे सुनवाई का अवसर देना और उचित आदेश जारी करना जरूरी है।
33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस
अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची में 97 लाख से अधिक मतदाता दर्ज हैं। वहीं करीब 33.13 लाख मतदाताओं को उनके गणना प्रपत्रों में सामने आई विसंगतियों के कारण नोटिस के लिए चिन्हित किया गया है।
इनमें बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है जिनके वर्तमान विवरण का 2002 के पिछले SIR रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका।
अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को होगी प्रकाशित
अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन के बाद प्रमुख मतदाताओं के नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली है।
इससे पहले दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया जा रहा है।
SIR में दस्तावेजों के सत्यापन पर जोर
SIR का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करना है। अधिकारियों द्वारा अलग-अलग मामलों में रिकॉर्ड की विसंगतियों और पुराने चुनावी रिकॉर्ड से मिलान की स्थिति की जांच की जा रही है।
प्रमुख मतदाताओं के मामलों में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई। सत्यापन पूरा होने के बाद उनके नामों को अंतिम सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित किया गया है।
