21 सितंबर, 2026 : दिल्ली के रियल एस्टेट से जुड़े कर्मचारी य aुवराज सिंह मनचंदा की हत्या की जांच में अब उनके पूर्व सहयोगियों से जुड़े कथित वित्तीय विवाद भी पुलिस के रडार पर हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या य aुवराज को अपने पूर्व सहयोगियों अन्या वत्स और संयम सचदेवा से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और विवादों की जानकारी थी और क्या इसका उनकी हत्या से कोई संबंध हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन मामलों और य aुवराज की हत्या के बीच कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं किया है।
1.2 करोड़ रुपये के कथित चीटिंग केस की जांच
पुलिस के मुताबिक, अन्या वत्स और संयम सचदेवा से जुड़ा एक अलग चीटिंग केस भी जांच के दायरे में आया है। यह मामला अगस्त में संसद मार्ग थाने में एक वरिष्ठ गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सितंबर 2024 से उसे कथित तौर पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED और गृह मंत्रालय के नाम से फर्जी नोटिस भेजे गए। आरोप है कि वत्स और सचदेवा ने खुद को ऊंचे सरकारी संपर्कों वाला बताया और मामले को सुलझाने में मदद करने का दावा किया।
शिकायत के मुताबिक, पीड़ित ने अपनी बचत, कर्ज और परिवार से उधार लेकर 1.2 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर की। इसमें बड़ी राशि कथित तौर पर वत्स के बैंक खाते में भेजी गई। पुलिस इस पूरे लेन-देन और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
26 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मांग का भी आरोप
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि बाद में उससे 26 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम मांगी गई। कथित तौर पर यह भी कहा गया कि 13.8 करोड़ रुपये सरकारी एजेंसियों को उसकी ओर से दिए जा चुके हैं।
FIR में एक कथित संदेश का भी उल्लेख है, जिसमें शिकायतकर्ता पर रकम वापस करने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस मामले से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच कर रही है।
4 करोड़ की प्रॉपर्टी विवाद पर भी नजर
जांचकर्ताओं ने करीब 4 करोड़ रुपये की एक संपत्ति से जुड़े अलग विवाद को भी जांच के दायरे में लिया है। यह विवाद ग्रेटर नोएडा की एक संपत्ति से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें संयम सचदेवा, उसकी अलग रह रही पत्नी और अन्या वत्स के बीच विवाद की बात सामने आई है।
सूत्रों के अनुसार, सचदेवा की अलग रह रही पत्नी ने घरेलू हिंसा की शिकायत भी दर्ज कराई थी। पुलिस इन मामलों को आरोपियों की वित्तीय पृष्ठभूमि और आपसी संबंधों को समझने के लिए देख रही है।
य aुवराज और आरोपी पहले साथ काम कर चुके थे
य aुवराज सिंह मनचंदा, अन्या वत्स और संयम सचदेवा पहले एक रियल एस्टेट कंपनी में साथ काम कर चुके थे। पुलिस के अनुसार, वत्स को बाद में कथित वित्तीय अनियमितताओं के चलते कंपनी से हटा दिया गया था।
य aुवराज बाद में Adani Realty से जुड़े थे। जांचकर्ताओं का एक प्रमुख सवाल यह है कि क्या उन्हें अपने पूर्व सहयोगियों की कथित वित्तीय गतिविधियों के बारे में जानकारी थी। पुलिस फिलहाल इस संभावित कड़ी की जांच कर रही है और इसे हत्या का स्थापित कारण नहीं माना गया है।
1 करोड़ रुपये के लेन-देन का दावा
हत्या के मामले में गिरफ्तार अन्या वत्स ने जांचकर्ताओं के सामने कथित तौर पर दावा किया है कि उसने य aुवराज को करीब 1 करोड़ रुपये दिए थे और यह रकम वापस नहीं मिली।
पुलिस इस दावे की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है। जांचकर्ताओं के सामने यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि यह रकम किस उद्देश्य से दी गई थी और क्या इसका किसी अन्य वित्तीय विवाद या कथित अनियमितता से संबंध था।
SUV की आवाजाही भी जांच का हिस्सा
जांच में उस SUV की गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है, जिसका कथित तौर पर य aुवराज के शव को ले जाने में इस्तेमाल किया गया था। पुलिस के मुताबिक, 6 सितंबर को य aुवराज के लापता होने वाले दिन यह वाहन उस आवासीय सोसायटी में गया था जहां वत्स रहती थी।
CCTV फुटेज के अनुसार, अगले दिन SUV को वहां से बाहर ले जाया गया और पास की एक पार्किंग सुविधा में रखा गया, जहां वह 8 सितंबर तक रही। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद य aुवराज के शव को गुरुग्राम के बादशाहपुर थाना क्षेत्र में एक नाले में फेंकने का आरोप है।
10 सितंबर को मिला था शव
य aुवराज सिंह मनचंदा का शव 10 सितंबर को गुरुग्राम के एक नाले से बरामद हुआ था। पुलिस के अनुसार, शव की पहचान बाद में य aुवराज के रूप में हुई। मामले में अन्या वत्स और संयम सचदेवा को गिरफ्तार किया गया है और दोनों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने बताया है कि हत्या के पूरे घटनाक्रम और इसके पीछे के कारणों की जांच जारी है। हत्या के तरीके से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारियां अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार
य aुवराज का पोस्टमार्टम गुरुग्राम पुलिस ने कराया था। रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज दिल्ली पुलिस को सौंपे जाने की प्रक्रिया में हैं। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट से मौत के कारण तथा मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।
हत्या से सीधा संबंध अभी साबित नहीं
पुलिस की मौजूदा जांच में कथित चीटिंग केस, 4 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी विवाद और 1 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन को आरोपियों की वित्तीय पृष्ठभूमि समझने के लिए देखा जा रहा है। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार इन मामलों और य aुवराज की हत्या के बीच अभी तक कोई सीधा संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस वित्तीय रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, फोरेंसिक रिपोर्ट और आरोपियों के बयानों को मिलाकर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है।
