4 नवंबर 2026 : दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का कथित फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करने के मामले में FIR दर्ज की है। इस वीडियो में रूसी विदेश मंत्री को भारत की विदेश नीति और रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर आलोचनात्मक टिप्पणियां करते हुए दिखाया गया था। विदेश मंत्रालय ने इस वीडियो को फर्जी बताया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला 3 नवंबर को नियमित साइबर पेट्रोलिंग के दौरान सामने आया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट देखी, जिसमें दावा किया गया था कि रूसी विदेश मंत्री का कथित रूप से छेड़छाड़ किया गया वीडियो प्रशांत भूषण के X अकाउंट से साझा किया गया है।
इसके बाद पुलिस ने वीडियो और उससे संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट की जांच शुरू की। पुलिस का आरोप है कि वीडियो के माध्यम से भ्रामक सामग्री प्रसारित की गई, जिससे अफवाहें फैलने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में FIR नंबर 263/26 दर्ज की है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4), 353(1)(c), 356 और 340(2) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C के तहत दर्ज किया गया है।
इस मामले में विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक यूनिट ने भी 3 नवंबर को स्पष्टीकरण जारी किया था। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो फर्जी है। वीडियो में लावरोव के नाम से भारत की आंतरिक नीतियों और रूस से तेल खरीदने को लेकर टिप्पणियां दिखाई गई थीं।
विदेश मंत्रालय ने लोगों से ऐसे भ्रामक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट पर विश्वास नहीं करने की अपील की। रूसी दूतावास की ओर से भी वीडियो में लावरोव के नाम से दिखाए गए बयानों को गलत और मनगढ़ंत बताया गया।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशांत भूषण ने कथित वीडियो को X पर साझा करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर को लेकर टिप्पणी भी की थी। यह वीडियो उस समय चर्चा में आया जब एस. जयशंकर ने 31 अक्टूबर को अटलांटा में G20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की थी।
इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन संघर्ष, खाड़ी क्षेत्र की स्थिति और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में लावरोव के नाम से भारत को लेकर टिप्पणियां दिखाई गईं, जिन्हें विदेश मंत्रालय ने फर्जी करार दिया।
फिलहाल दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में वीडियो की वास्तविकता, उसके निर्माण, डिजिटल बदलाव और सोशल मीडिया पर उसके प्रसार से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
