6 जून 2026 : Delhi में ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर निकाय ने पार्षदों के लिए एक विशेष जानकारी एवं जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस दौरान पार्षदों को ठोस कचरा प्रबंधन नियमों, उनके क्रियान्वयन और नागरिक भागीदारी की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ते कचरे के प्रभावी निपटान के लिए नियमों का सख्ती से पालन आवश्यक है। पार्षदों को घर-घर कचरा संग्रहण, स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक तरीके से निपटान की प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों, स्थानीय प्रतिनिधियों और सामुदायिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है। पार्षदों से अपने-अपने वार्डों में लोगों को जागरूक करने और नियमों के पालन को बढ़ावा देने का आग्रह किया गया।
बैठक में कचरा प्रबंधन से जुड़ी चुनौतियों और संभावित समाधानों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि कचरे का सही पृथक्करण और समय पर संग्रहण शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ठोस कचरा प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल स्वच्छता में सुधार होता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है। इसके जरिए लैंडफिल स्थलों पर दबाव कम किया जा सकता है और पुनर्चक्रण को बढ़ावा दिया जा सकता है।
पार्षदों ने भी अपने क्षेत्रों में सामने आने वाली समस्याओं और सुझावों को अधिकारियों के साथ साझा किया। कई प्रतिनिधियों ने नागरिक जागरूकता अभियान को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
नगर निकाय का मानना है कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से ठोस कचरा प्रबंधन नियमों को जमीनी स्तर पर बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा। आने वाले समय में ऐसे और प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।
