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चंडीगढ़ ट्राइसिटी में दो दिन मौसम का अलर्ट, बारिश और ओलावृष्टि से धान की फसल को खतरा

15 अक्तूबर 2026:  चंडीगढ़ ट्राइसिटी में रहने वाले लोगों और किसानों के लिए मौसम विभाग ने दो दिनों का अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 15 और 16 अक्टूबर को चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला और आसपास के इलाकों में बारिश, गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। मौसम में इस बदलाव से धान की खड़ी फसल और मंडियों में खुले में रखी फसल को नुकसान पहुंचने की चिंता बढ़ गई है।

मौसम विभाग ने गुरुवार, 15 अक्टूबर के लिए चंडीगढ़ ट्राइसिटी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि शुक्रवार, 16 अक्टूबर के लिए येलो अलर्ट रखा गया है। इसके बाद मौसम की गतिविधियों में कमी आने और शनिवार से मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

15 अक्टूबर को बारिश और ओलावृष्टि की आशंका

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर पाकिस्तान और जम्मू के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश तथा गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। गुरुवार को कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ ओले भी गिर सकते हैं।

इस दौरान हवाओं की गति लगभग 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। तेज हवाओं, बिजली और ओलावृष्टि के कारण पेड़ों, बिजली की लाइनों, कमजोर ढांचों और कृषि फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों और किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की जरूरत है।

शुक्रवार को येलो अलर्ट, इसके बाद मौसम सुधरने की उम्मीद

शुक्रवार, 16 अक्टूबर को भी गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। हालांकि, गुरुवार की तुलना में बारिश की गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, शनिवार से क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं और मौसम के शुष्क होने की संभावना है। इससे लोगों को राहत मिल सकती है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति अलग-अलग हो सकती है, इसलिए किसी भी यात्रा या कृषि कार्य की योजना बनाने से पहले ताजा मौसम अपडेट देखना जरूरी होगा।

धान की फसल पर मंडराया नुकसान का खतरा

बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी ऐसे समय आई है, जब पंजाब और हरियाणा में धान की कटाई और खरीद का काम चल रहा है। कई किसानों की फसल अभी खेतों में खड़ी है, जबकि कटाई के बाद बड़ी मात्रा में धान मंडियों और खुले स्थानों पर रखा हुआ है।

ऐसे में बारिश से कटी हुई फसल के भीगने, अनाज की गुणवत्ता प्रभावित होने और मंडियों में खरीद प्रक्रिया बाधित होने का खतरा है। तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है। यदि फसल गिर जाती है या लंबे समय तक गीली रहती है, तो कटाई और अनाज को सुरक्षित रखने में अतिरिक्त परेशानी हो सकती है।

किसानों के लिए इस समय फसल को बारिश से बचाना महत्वपूर्ण है। खुले में रखे धान को संभव हो तो सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखना चाहिए। मंडियों में अनाज को तिरपाल से ढकने तथा पानी की निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए कटाई, सिंचाई तथा कृषि से जुड़े दूसरे कामों की योजना मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार बनानी चाहिए।

बारिश के दौरान खेतों में कीटनाशकों और खाद का छिड़काव करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे दवाइयों के प्रभाव और फसल प्रबंधन पर असर पड़ सकता है। कटाई के बाद खुले में रखी फसल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना या अच्छी तरह ढकना भी जरूरी है।

आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह

तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका के बीच लोगों को खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचना चाहिए। गरज-चमक के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर निर्माणों के नीचे खड़े होने से बचें। वाहन चलाते समय भी सावधानी बरतें, क्योंकि बारिश से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं और दृश्यता कम हो सकती है।

कुल मिलाकर, चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में अगले दो दिनों के दौरान मौसम अस्थिर रहने की संभावना है। जहां लोगों को बारिश और तेज हवाओं के दौरान सावधानी बरतनी होगी, वहीं किसानों के लिए धान की फसल और मंडियों में रखे अनाज को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती रहेगी।

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