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चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी की रिकॉर्ड कीमतें, प्लॉट 200 करोड़ और सेक्टर-9 का मकान 100 करोड़ रुपये में बिका

17 अक्तूबर 2026: चंडीगढ़ के रियल एस्टेट बाजार में संपत्तियों की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बनाया है। शहर में एक औद्योगिक प्लॉट का पंजीकरण 200.32 करोड़ रुपये में हुआ, जबकि सेक्टर-9बी में एक आवासीय मकान 100 करोड़ रुपये में पंजीकृत किया गया। इन महंगी संपत्तियों के सौदों ने चंडीगढ़ में जमीन और मकानों की बढ़ती कीमतों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। आधिकारिक एस्टेट ऑफिस के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में ही प्रॉपर्टी बाजार में कई बड़े सौदे दर्ज किए गए हैं।

द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में लगभग 30 कनाल के एक औद्योगिक प्लॉट का जुलाई 2026 में 200.32 करोड़ रुपये में पंजीकरण हुआ। यह शहर में अब तक दर्ज सबसे महंगे संपत्ति सौदों में सबसे बड़ा सौदा बताया गया है। इतनी बड़ी कीमत पर औद्योगिक संपत्ति का पंजीकरण चंडीगढ़ के व्यावसायिक रियल एस्टेट बाजार में बढ़ती कीमतों को दर्शाता है।

इसी अवधि में शहर के पॉश सेक्टर-9बी में करीब चार कनाल का एक मकान 100 करोड़ रुपये में पंजीकृत हुआ। इस सौदे ने आवासीय संपत्तियों की कीमतों को लेकर भी नया रिकॉर्ड बनाया। चंडीगढ़ के पुराने और प्रतिष्ठित सेक्टरों में जमीन सीमित होने के कारण बड़े भूखंडों और मकानों की मांग लगातार बनी हुई है। खासकर सेक्टर-9 जैसे इलाकों में संपत्ति खरीदना आर्थिक रूप से मजबूत खरीदारों के लिए भी एक बड़ा निवेश माना जाता है।

चार साल में तेजी से बढ़ीं कीमतें

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ के सेक्टर-9 में प्रति कनाल संपत्ति की कीमतों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मार्च 2024 में सेक्टर-9सी में लगभग 5.27 कनाल का एक मकान 65 करोड़ रुपये में पंजीकृत हुआ था। इसके करीब छह महीने बाद सेक्टर-9डी में लगभग 5.07 कनाल का मकान 70 करोड़ रुपये में दर्ज किया गया।

अगस्त 2025 में सेक्टर-9ए में लगभग 7.02 कनाल की संपत्ति 126 करोड़ रुपये में पंजीकृत हुई थी। उस समय यह शहर का सबसे महंगा पंजीकृत आवासीय सौदा बना था। दिसंबर 2025 में इसी सेक्टर में लगभग 4.94 कनाल का मकान 108.5 करोड़ रुपये में दर्ज हुआ। मई 2026 में सेक्टर-9बी में करीब 4.11 कनाल की संपत्ति का पंजीकरण 100 करोड़ रुपये में हुआ।

इन सौदों के आधार पर सेक्टर-9 में प्रति कनाल कीमत शुरुआती 2024 के लगभग 12.3 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026 के मध्य तक करीब 24.3 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यानी लगभग ढाई साल में प्रति कनाल दर करीब दोगुनी हो गई।

व्यावसायिक संपत्तियों में भी बढ़ी कीमत

चंडीगढ़ में कीमतों में वृद्धि केवल आवासीय संपत्तियों तक सीमित नहीं है। व्यावसायिक संपत्तियों के सौदों में भी बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। वित्त वर्ष 2023-24 में सेक्टर-7सी में एक शॉप-कम-ऑफिस यानी SCO का सौदा 28.80 करोड़ रुपये में हुआ था। वित्त वर्ष 2024-25 में इसी तरह के एक शोरूम का पंजीकरण 30 करोड़ रुपये में हुआ।

वित्त वर्ष 2025-26 में इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की एक व्यावसायिक संपत्ति 125.44 करोड़ रुपये में दर्ज की गई। इसके बाद जुलाई 2026 में इसी औद्योगिक क्षेत्र में 200.32 करोड़ रुपये का प्लॉट सौदा शहर के रियल एस्टेट बाजार में एक नया स्तर लेकर आया।

कृषि भूमि की कीमतों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। चंडीगढ़ के बेहलाना गांव में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 27.5 कनाल जमीन का सौदा 15.25 करोड़ रुपये में हुआ था। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में इसी गांव में लगभग 27 कनाल जमीन का पंजीकरण 16.75 करोड़ रुपये में हुआ।

प्रशासन को भी मिला राजस्व

महंगी संपत्तियों के पंजीकरण से चंडीगढ़ प्रशासन को स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क के रूप में बड़ी राशि प्राप्त होती है। रिपोर्ट के अनुसार, मौजूदा छह प्रतिशत स्टांप ड्यूटी और एक प्रतिशत पंजीकरण शुल्क की दर से सेक्टर-9बी के 100 करोड़ रुपये के आवासीय सौदे से लगभग सात करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

आंकड़ों के अनुसार, चंडीगढ़ में संपत्ति पंजीकरण दस्तावेजों की संख्या में कमी आने के बावजूद स्टांप ड्यूटी से होने वाली आय बढ़ी है। वित्त वर्ष 2023-24 में स्टांप ड्यूटी संग्रह 247.02 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़कर 276.96 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में 348.23 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में ही यह संग्रह 141.23 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

जमीन की सीमित उपलब्धता बनी बड़ी वजह

चंडीगढ़ में संपत्तियों की बढ़ती कीमतों के पीछे प्रमुख कारणों में सीमित जमीन, पुराने सेक्टरों में कम उपलब्धता और महंगी संपत्तियां खरीदने वाले लोगों की मांग शामिल हैं। शहर का नियोजित विकास और सीमित भौगोलिक विस्तार नए आवासीय भूखंडों की उपलब्धता को प्रभावित करते हैं। ऐसे में स्थापित सेक्टरों में स्थित संपत्तियों के लिए खरीदार अधिक कीमत चुकाने को तैयार दिखाई देते हैं।

हालांकि, पंजीकृत सौदों की ऊंची कीमतों से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि शहर की हर संपत्ति का मूल्य इसी गति से बढ़ रहा है। संपत्ति का क्षेत्रफल, स्थान, स्थिति और उपयोग उसकी कीमत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फिर भी, 200.32 करोड़ रुपये के औद्योगिक प्लॉट और 100 करोड़ रुपये के आवासीय मकान के सौदे बताते हैं कि चंडीगढ़ के प्रीमियम रियल एस्टेट बाजार में बड़े निवेश जारी हैं।

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