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590 करोड़ बैंक घोटाले में 2 वरिष्ठ IAS अफसरों से CBI ने की पूछताछ, मोबाइल फोन किए जब्त

चंडीगढ़ 17 मई 2026 हरियाणा के 590 करोड़ के आई.डी.एफ.सी. ए.यू. स्मॉल फाइनैंस बैंक घोटाले में सी.बी.आई. का एक्शन जारी है। केंद्रीय जांच एजेंसी सी.बी.आई. ने अफसरों से पूछताछ के लिए 17-ए की मंजूरी मिलने के बाद कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को इस मामले से जुड़े 2 सीनियर आई.ए. एस. अफसरों से सी.बी.आई. की जांच टीम ने पूछताछ की। 

गत दिनों सरकार की ओर से 8 आई.ए.एस. अधिकारियों से पूछताछ के लिए 17-ए की मंजूरी दे दी थी। इसके बाद अब सी.बी.आई. ने 2 आई.ए.एस. अफसरों से कई सवालों के जवाब में संदेह होने पर दोनों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। बताया गया कि ये दोनों अफसर पंचायत विभाग और हरियाणा विद्युत उत्पादन निगम में तैनात रहे हैं जो अब सरकार में कमिश्नर एंड सैक्रेटरी रैंक में है। इसकी पुष्टि करने के लिए देर रात दोनों आई.ए.एस. अफसरों के मोबाइल नंबरों पर कॉल की गई तो फोन स्विच ऑफ थे। 

17-ए की मंजूरी से ब्यूरोक्रेसी में बढ़ी हलचल

सी.एम. नायब सैनी के निर्देश पर इस घोटाले की पहले ए.सी.बी. और बाद में सी. बी. आई. जांच शुरू करवाई गई थी। अब 17-ए की मंजूरी देकर सरकार ने संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी। वरिष्ठ आई.ए.एस. अधिकारियों के खिलाफ पूछताछ की अनुमति मिलने के बाद हरियाणा की नौकरशाही में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सी.बी.आई. अन्य कई संबंधित अधिकारियों से पूछताछ शुरू कर सकती है और जांच में कई नए खुलासे हो सकते है।

जांच एजैंसियों को गिरफ्तार आरोपियों के बयानों, दस्तावेजों, फाइल मूवमैंट और कथित ऑडियो/डिजिटल रिकॉर्डिंग में कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम मिलने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, रिकॉर्डिंग में फंड ट्रांसफर, बैंक खातों का संचालन और कार्रवाई से बचने के तरीके जैसे विषयों पर बातचीत के संकेत मिले है। सी. बी.आई. इन रिकॉर्डिंग की फॉरेंसिक जांच करा रही है।

अफसरों से पूछताछ में इन सवालों का जवाब तलाश रही सी.बी.आई.

आई.डी.एफ. सी. बैंक घोटाले में जांच कर रही सी.बी.आई. ने पूछताछ के लिए सवालों की लंबी फेहरिस्त तैयार की है। इनमें निर्णय और फाइल प्रोसैसिंग से अहम जुड़े सवाल शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो अफसरों से पूछताछ में यह जानकारी ली रही है कि क्या उक्त फाइल पर नोटिंग/सिफारिश की थी? क्या सभी नियमों और गाइडलाइंस का पालन किया गया? क्या किसी स्तर पर नियमों में ढील दी गई? अगर हां, तो किसके निर्देश पर? बैंक से संबंध और समन्वय को लेकर कब-कब और किस संदर्भमें बैठक हुई? क्या किसी विशेष कंपनी/व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिए बैंक से तालमेल किया गया? क्या किसी मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी या राजनीतिक व्यक्ति की ओर से कोई दबाव या निर्देश मिला? क्या किसी मौखिक आदेश पर काम किया? वित्तीय लेन-देन और लाभ क्या आपके या आपके परिवार/करीबी लोगों के खातों में कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुआ? क्या कोई फाइल जानबूझ कर रोकी या बदली गई?

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