03 फरवरी 2026 : उत्तर प्रदेश में कोरोना काल के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों पर दर्ज मुकदमों को लेकर बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को 25 जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कोरोना गाइडलाइन उल्लंघन के मामलों को वापस लेने की अनुमति दे दी है।
कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में गंभीर आपराधिक मामला नहीं है, उन्हें कानून के अनुसार वापस लिया जा सकता है। यूपी सरकार की ओर से 72 अर्जियां दायर की गई थीं, जिनमें जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कोरोना काल में दर्ज केसों को वापस लेने की अनुमति मांगी गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने 28 मामलों को वापस लेने की अनुमति दे दी। वहीं, गंभीर अपराधों से जुड़े बाकी मामलों का अंतिम फैसला नहीं सुनाया गया, इन मामलों की अगली सुनवाई 26 फरवरी को होगी।
इन जनप्रतिनिधियों को मिली राहत
1. उमा भारती – महोबा
2. डॉ. संजीव बालियान – मुजफ्फरनगर
3. सुरेश राणा
4. ठाकुर जयवीर सिंह – अलीगढ़
5. नीलम सोनकर – आजमगढ़
6. अनिल सिंह – उन्नाव
7. अशरफ अली खान – शामली
8. सीमा द्विवेदी – जौनपुर
9. अभिजीत सांगा – कानपुर नगर
10. विजेंद्र सिंह – बुलंदशहर
11. विवेकानंद पांडेय – कुशीनगर
12. मीनाक्षी सिंह – बुलंदशहर
13. जय मंगल कनौजिया – महराजगंज
14. राजपाल बालियान – मुजफ्फरनगर
15. प्रदीप चौधरी – हाथरस
16. प्रसन्न चौधरी – शामली
17. उमेश मलिक
18. सुरेश राणा
19. कुमार भारतेंदु
20. वेदप्रकाश गुप्ता
