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पंजाब के युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए भगवंत मान सरकार का नया फॉर्मूला: खेल

21 अगस्त 2026 : पंजाब में युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार अब खेलों को अपनी रणनीति का अहम हिस्सा बना रही है। सरकार ने ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ के चौथे संस्करण की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देना है।

10 लाख से ज्यादा खिलाड़ी होंगे शामिल

चौथे संस्करण में 10 लाख से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। इसमें 14 वर्ष की उम्र से लेकर 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोग भी हिस्सा ले सकेंगे। प्रतियोगिताएं पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित की जाएंगी।

इस बार प्रतियोगिताओं में 38 खेलों के साथ चार पैरा-स्पोर्ट्स को भी शामिल किया गया है। खेलों की शुरुआत 5 सितंबर को बठिंडा से होगी और इसका समापन 29 नवंबर को पटियाला में किया जाएगा।

नशे के खिलाफ अभियान में खेलों पर जोर

पंजाब लंबे समय से नशे की समस्या से जूझता रहा है। सरकार और पुलिस की ओर से नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता और पुनर्वास पर भी जोर दिया जा रहा है।

भगवंत मान सरकार का मानना है कि युवाओं को खेल के मैदान से जोड़कर उनकी ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा दी जा सकती है। इसी वजह से ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ को नशे के खिलाफ अभियान के सकारात्मक पहलू के तौर पर पेश किया जा रहा है।

सरकार ने खेलों के लिए ₹1,794 करोड़ किए आवंटित

मुख्यमंत्री भगवंत मान के अनुसार, राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ₹1,794 करोड़ का बजट आवंटित किया है। सरकार खेल सुविधाओं को बेहतर बनाने और खिलाड़ियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

नशा तस्करों के खिलाफ भी कार्रवाई

खेलों को बढ़ावा देने के साथ पंजाब सरकार नशे की सप्लाई रोकने के लिए पुलिस कार्रवाई पर भी जोर दे रही है। पुलिस के अनुसार, मार्च 2025 से 1 अगस्त 2026 के बीच नशे से जुड़े मामलों में 75,102 लोगों को गिरफ्तार किया गया और करीब 3,472 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई।

पुलिस ने इसी अवधि में अफीम, पोस्त की भूसी, चरस, गांजा, ICE और नशीली गोलियों की बरामदगी की भी जानकारी दी है। हालांकि, नशे की समस्या को लेकर राज्य में राजनीतिक बहस भी जारी है।

युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की कोशिश

सरकार की रणनीति में अब सिर्फ नशा तस्करों पर कार्रवाई ही नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी शामिल है। खेलों के जरिए युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने की कोशिश की जा रही है।

कुल मिलाकर, भगवंत मान सरकार पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई में खेलों को एक महत्वपूर्ण हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ के चौथे संस्करण में 10 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी और 38 खेलों को शामिल किया जाना इसी रणनीति का हिस्सा है।

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