21 अगस्त 2026 : पंजाब के बठिंडा जिले के कलालवाला गांव में किसानों ने एकजुटता और भाईचारे की मिसाल पेश की। गांव के 48 किसानों ने 35 वर्षीय किसान कुलदीप सिंह की धान की फसल को बचाने के लिए खेत में पहुंचकर मदद की।
गलती से गलत कीटनाशक का हुआ छिड़काव
कुलदीप सिंह के पास करीब 2 एकड़ जमीन है, जबकि उन्होंने 4.5 एकड़ जमीन लीज पर भी ले रखी है। 13 अगस्त को उन्होंने धान की फसल पर कीटनाशक का छिड़काव किया, लेकिन जिस ट्रैक्टर-माउंटेड स्प्रेयर का इस्तेमाल किया गया था, उसकी पाइप में पहले इस्तेमाल किए गए मूंग की फसल के कीटनाशक के कुछ अवशेष रह गए थे।
दोनों कीटनाशकों के मिल जाने से धान की फसल सूखने लगी। कुलदीप को अगले दिन फसल को हुए नुकसान का पता चला।
48 किसानों ने तीन घंटे में किया काम
फसल को अकेले संभालना कुलदीप के लिए मुश्किल था। इसके बाद गांव के 48 किसान 15 अगस्त को उनके खेत में पहुंचे और दरांती की मदद से सूखे और क्षतिग्रस्त धान के पत्तों को हाथ से काटना शुरू किया।
किसानों ने करीब तीन घंटे में यह काम पूरा कर दिया, जो अकेले कुलदीप के लिए लगभग असंभव था।
बड़े नुकसान से बचाने के लिए आगे आए किसान
गांव के किसानों ने कहा कि उनका उद्देश्य अपने साथी किसान को बड़े आर्थिक नुकसान से बचाना था। उनका मानना था कि यदि समय रहते क्षतिग्रस्त पत्तियों को नहीं हटाया जाता तो पूरी फसल प्रभावित हो सकती थी।
एक अन्य किसान कुलदीप सिंह ने कहा कि ग्रामीणों ने अपने साथी की मदद के लिए जरूरी काम किया और इससे फसल के संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिली।
कुल मिलाकर, बठिंडा के कलालवाला गांव में 48 किसानों की एकजुटता ने किसान भाईचारे की मिसाल पेश की। गलत कीटनाशक के कारण संकट में आई साथी किसान की धान की फसल को बचाने के लिए किसानों ने मिलकर महज तीन घंटे में खेत में जरूरी काम पूरा किया।
