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चमगादड़ों का इलाज: मच्छरों के जरिए वैक्सीन पहुंचाने की नई तकनीक

दिल्ली 15 मार्च 2026 : दुनिया भर में निपाह और रेबीज जैसे जानलेवा वायरस का सबसे बड़ा स्रोत चमगादड़ों को माना जाता है। जंगली चमगादड़ों को पकड़कर वैक्सीन लगाना लगभग नामुमकिन है। इसी चुनौती का तोड़ निकालने के लिए वैज्ञानिकों ने एक अनोखा रास्ता खोजा है मच्छरों के जरिए वैक्सीनेशन।

कैसे काम करेगी यह मच्छर सेना?

वैज्ञानिकों ने एडीज एजिप्टी (Aedes Aegypti) प्रजाति के मच्छरों का इस्तेमाल करके एक सफल प्रयोग किया है। सबसे पहले मच्छरों को ऐसा खून पिलाया गया जिसमें निपाह या रेबीज के खिलाफ वैक्सीन मौजूद थी। यह वैक्सीन मच्छरों के शरीर में उनकी लार ग्रंथियों (Salivary Glands) तक पहुंच गई। जब ये मच्छर चमगादड़ों को काटते हैं या चमगादड़ अनजाने में इन मच्छरों को खा लेते हैं तो वैक्सीन सीधे उनके शरीर में प्रवेश कर जाती है।

लैब में मिली बड़ी कामयाबी

इस शोध के दौरान जब लैब में चूहों और चमगादड़ों पर इन वैक्सीनेटेड मच्छरों को छोड़ा गया तो नतीजे चौंकाने वाले थे। परीक्षण के बाद उन जानवरों के शरीर में वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी विकसित हो गईं। इसका मतलब है कि मच्छर अब केवल बीमारी नहीं बल्कि फ्लाइंग सिरिंज बनकर इलाज भी बांट सकते हैं।

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