25 अगस्त 2026 हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा की पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को लेकर की गई टिप्पणी पर निशाना साधा है। विज ने कहा कि इस बयान से कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ गया है और पार्टी की कथित राजनीतिक सोच पर सवाल खड़े होते हैं।
सज्जन कुमार को ‘रोल मॉडल’ बताने पर विवाद
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब दीपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से सज्जन कुमार को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई। उनके कथित तौर पर सज्जन कुमार को ‘रोल मॉडल’ बताए जाने पर विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर हमला बोला।
अनिल विज ने इसी टिप्पणी को मुद्दा बनाते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला किया और कहा कि ऐसे बयान पार्टी की सोच को उजागर करते हैं।
अनिल विज ने कांग्रेस पर साधा निशाना
विज ने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसके नेताओं के लिए सज्जन कुमार किस तरह आदर्श हो सकते हैं। उन्होंने इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगने की बात कही।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से अपने राजनीतिक हितों के अनुसार अलग-अलग मुद्दों पर रुख अपनाती रही है और दीपेंद्र हुड्डा का बयान इसी का उदाहरण है।
1984 के दंगों का संदर्भ
सज्जन कुमार का नाम 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में सामने आया था। उन्हें दिल्ली कैंट क्षेत्र में हुए एक मामले में दोषी ठहराया गया था और बाद में अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
इसी पृष्ठभूमि के कारण सज्जन कुमार को लेकर किसी भी सकारात्मक टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो जाता है।
कांग्रेस से कार्रवाई की मांग
अनिल विज ने कांग्रेस नेतृत्व से दीपेंद्र हुड्डा की टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी को यह बताना चाहिए कि क्या वह अपने सांसद की टिप्पणी से सहमत है।
इस मुद्दे को लेकर हरियाणा की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
राजनीतिक विवाद बढ़ने के आसार
दीपेंद्र हुड्डा की टिप्पणी को लेकर पहले ही कांग्रेस के भीतर और बाहर सवाल उठ रहे हैं। पंजाब कांग्रेस के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने भी कांग्रेस से कार्रवाई की मांग की थी।
कुल मिलाकर, अनिल विज ने सज्जन कुमार को लेकर दीपेंद्र सिंह हुड्डा की कथित ‘रोल मॉडल’ टिप्पणी पर कांग्रेस को घेरा है। विज ने कहा कि इस बयान से कांग्रेस का असली चेहरा सामने आया है और पार्टी नेतृत्व को इस पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।
