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अमृतसर की फैक्ट्री से सब्सिडी वाली यूरिया के 4,000 बैग जब्त, दो गिरफ्तार

18 अक्तूबर 2026: पंजाब के अमृतसर में सब्सिडी वाली कृषि ग्रेड यूरिया खाद के कथित दुरुपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। कृषि विभाग और जीएसटी इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने मजीठा रोड स्थित बल्ल कलां इलाके में एक औद्योगिक इकाई पर छापा मारकर करीब 4,000 बैग यूरिया खाद जब्त की। इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

यह कार्रवाई 16 अक्टूबर को मृदुल केमिकल्स के परिसर में की गई। अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी का उद्देश्य किसानों के लिए सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाने वाली कृषि ग्रेड यूरिया के कथित अवैध इस्तेमाल और उसे औद्योगिक कार्यों के लिए दूसरी जगह भेजे जाने पर रोक लगाना था।

छापेमारी के दौरान जब्त की गई खाद में हिंदुस्तान फर्टिलाइजर्स लिमिटेड, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड और कृभको द्वारा निर्मित यूरिया शामिल थी। कार्रवाई के दौरान जीएसटी इंटेलिजेंस की टीम ने संबंधित औद्योगिक इकाई के रिकॉर्ड की भी जांच की और जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। अधिकारियों ने देर रात तक कार्रवाई जारी रखी।

पुलिस के अनुसार, मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। डीएसपी यादविंदर सिंह ने बताया कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान खाद के भंडारण, उसके संभावित इस्तेमाल और कथित रूप से उसे औद्योगिक कार्यों के लिए भेजे जाने से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जाएगा।

मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य कृषि अधिकारी अमरजीत सिंह दोसांझ ने बताया कि कृषि ग्रेड यूरिया एक नियंत्रित और सब्सिडी वाली खाद है। सरकार किसानों को कम कीमत पर खाद उपलब्ध कराने के लिए इस पर आर्थिक सहायता देती है, ताकि खेती की लागत कम रखने में मदद मिल सके। इसलिए इस खाद का इस्तेमाल कृषि कार्यों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक इकाइयों में इस्तेमाल के लिए तकनीकी ग्रेड यूरिया उपलब्ध कराई जाती है। कृषि ग्रेड और तकनीकी ग्रेड यूरिया के इस्तेमाल का उद्देश्य अलग-अलग है। सब्सिडी वाली खाद को कथित रूप से औद्योगिक उपयोग के लिए भेजना किसानों के हितों और सरकारी सब्सिडी व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।

जब्त की गई खाद के नमूने जांच के लिए भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है। नमूनों की जांच और दस्तावेजों की पड़ताल से खाद की प्रकृति, भंडारण और कथित इस्तेमाल से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी। फिलहाल, मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।

पंजाब में सब्सिडी वाली यूरिया के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। कृषि विभाग का कहना है कि ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य किसानों के लिए निर्धारित खाद की उपलब्धता बनाए रखना और सरकारी सब्सिडी का लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचाना है।

अमृतसर में हुई इस कार्रवाई के बाद अब जांच एजेंसियों का ध्यान खाद के स्रोत, उसके भंडारण और संभावित वितरण से जुड़े रिकॉर्ड पर रहेगा। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

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