4 मई 2026 : पंजाब के अमृतसर में डीएम रंधावा मामले को लेकर एक बार फिर माहौल गर्म हो गया है। मृतक के परिवार और समर्थकों ने इंसाफ की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कैंडल मार्च शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरता हुआ मुख्य मार्गों तक पहुंचा। इस दौरान लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
मार्च में शामिल लोगों ने नारेबाजी करते हुए सरकार और प्रशासन का ध्यान इस मामले की ओर खींचने की कोशिश की। उनका कहना था कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, वे इसी तरह विरोध करते रहेंगे।
इस दौरान पुलिस भी पूरी तरह सतर्क रही और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों ने कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।
स्थानीय लोगों ने भी इस कैंडल मार्च का समर्थन किया और कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उनका मानना है कि इस तरह के शांतिपूर्ण विरोध से प्रशासन पर दबाव बनता है और जांच प्रक्रिया तेज हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में पारदर्शिता और तेजी से कार्रवाई बेहद जरूरी होती है, ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।
फिलहाल, प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह कैंडल मार्च यह दर्शाता है कि समाज में न्याय के लिए लोगों की आवाज कितनी महत्वपूर्ण होती है और वे इसके लिए एकजुट होकर खड़े हो सकते हैं।
इस घटना के बाद एक बार फिर यह सवाल उठता है कि क्या न्याय प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
