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अमृतसर एयरपोर्ट पर 16 यात्रियों की टिकटें फर्जी मिलीं, हिरासत में लेकर पूछताछ

17 अक्तूबर 2026:   पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कथित फर्जी हवाई टिकटों का मामला सामने आया है। शारजाह जाने वाली उड़ान में सवार होने पहुंचे 16 यात्रियों की टिकटों की जांच के दौरान गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद सभी यात्रियों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की गई कि टिकटें कहां से प्राप्त की गई थीं और उन्हें उपलब्ध कराने में किन लोगों की भूमिका थी।

टिकटों की जांच के दौरान सामने आया मामला

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यात्री अमृतसर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शारजाह जाने वाली उड़ान में सफर करने के लिए एयरपोर्ट पहुंचे थे। उड़ान से पहले टिकटों और बुकिंग संबंधी विवरणों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान 16 यात्रियों की टिकटों पर संदेह हुआ।

एयरलाइन के बुकिंग सिस्टम में यात्रियों के टिकट और पीएनआर संबंधी विवरणों का मिलान नहीं हो पाया। इसके बाद मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई। जांच में टिकटों को कथित तौर पर फर्जी पाए जाने के बाद यात्रियों को पूछताछ के लिए पुलिस के हवाले कर दिया गया।

रोजगार के लिए विदेश जा रहे थे यात्री

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यात्रियों में अधिकतर पंजाब के रहने वाले थे, जबकि कुछ के हिमाचल प्रदेश से संबंधित होने की बात सामने आई। बताया गया कि यात्री विदेश में मेहनत-मजदूरी करके रोजगार कमाने के उद्देश्य से जा रहे थे।

विदेश में काम करने की उम्मीद रखने वाले कई लोग यात्रा और रोजगार की व्यवस्था के लिए ट्रैवल एजेंटों की मदद लेते हैं। ऐसे में टिकटों से जुड़ी कथित धोखाधड़ी यात्रियों के लिए आर्थिक और मानसिक परेशानी का कारण बन सकती है। हालांकि, इस मामले में प्रत्येक यात्री ने टिकट किससे और किन परिस्थितियों में प्राप्त किया, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अलग-अलग ट्रैवल एजेंटों से टिकट लेने की बात

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि सभी 16 यात्रियों ने कथित तौर पर अलग-अलग एजेंटों से टिकट प्राप्त किए थे। इस पहलू की जांच की जा रही है कि टिकट जारी करने या उपलब्ध कराने में किन व्यक्तियों की भूमिका रही और क्या इन मामलों के बीच कोई संबंध है।

जांच एजेंसियां टिकटों के स्रोत, बुकिंग रिकॉर्ड और संबंधित एजेंटों की जानकारी जुटा रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि यात्रियों को जानबूझकर फर्जी टिकट दिए गए थे या वे खुद किसी धोखाधड़ी का शिकार हुए। फिलहाल किसी बड़े नेटवर्क की संलिप्तता को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

पूछताछ के बाद यात्रियों को छोड़ा गया

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यात्रियों से करीब 11 घंटे तक पूछताछ की गई और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। एयरपोर्ट पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर टिकट उपलब्ध कराने वाले एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही थी। संबंधित व्यक्ति की पहचान और भूमिका की पुष्टि के लिए जांच जारी है।

यह मामला एक बार फिर विदेश यात्रा के लिए टिकट खरीदते समय सावधानी बरतने की जरूरत को सामने लाता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत बुकिंग माध्यम से अपने टिकट और पीएनआर की पुष्टि करें। केवल एजेंट द्वारा भेजे गए टिकट की कॉपी पर भरोसा करने के बजाय यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बुकिंग एयरलाइन के सिस्टम में दर्ज है।

फिलहाल जांच का मुख्य उद्देश्य कथित फर्जी टिकटों के स्रोत का पता लगाना और यह स्पष्ट करना है कि यात्रियों को टिकट किसने उपलब्ध कराए। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और संबंधित लोगों की भूमिका के आधार पर की जाएगी।

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