29 अक्तूबर 2026: पंजाब सरकार की ‘मेरी दुकान मेरे नाम’ योजना के तहत अमृतसर शहर के लगभग 1,055 किराएदार दुकानदारों को अपनी दुकानों का मालिकाना हक हासिल करने का अवसर मिलेगा। योजना के तहत पात्र दुकानदार निर्धारित रियायती दरों पर नगर निगम की किराए की दुकानों का स्वामित्व अपने नाम करवा सकेंगे। अमृतसर सेंट्रल से विधायक डॉ. अजय गुप्ता ने नगर निगम अधिकारियों और किराएदार दुकानदारों के साथ बैठक कर योजना की जानकारी दी।
6 नवंबर तक जमा करने होंगे आवेदन
विधायक डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि नगर निगम की वे दुकानें, जिन पर दुकानदार वर्ष 2008 से काबिज हैं, योजना के तहत पात्रता की शर्तें पूरी करने पर लाभ प्राप्त कर सकती हैं। उन्होंने पात्र दुकानदारों से अपील की कि वे अपने आवेदन 6 नवंबर तक जमा करवा दें।
आवेदन फॉर्म नगर निगम से निशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। दुकानदारों की सहायता के लिए नगर निगम के एस्टेट विभाग में एक विशेष टीम भी गठित की गई है, जो आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाएगी।
आय के आधार पर तय होगी भुगतान राशि
योजना के तहत दुकानदारों को दुकान के क्षेत्रफल और निर्धारित कलेक्टर रेट के आधार पर भुगतान करना होगा। वार्षिक आय के अनुसार रियायती दरें तय की गई हैं।
जिन पात्र दुकानदारों की वार्षिक आय 3 लाख रुपये तक है, उन्हें कलेक्टर रेट का 12.5 प्रतिशत भुगतान करना होगा। 3 लाख से 8 लाख रुपये तक वार्षिक आय वालों के लिए यह दर 25 प्रतिशत और 8 लाख से 15 लाख रुपये तक आय वालों के लिए 50 प्रतिशत निर्धारित की गई है। 15 लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले आवेदकों को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा कलेक्टर रेट देना होगा। रियायती दरों का लाभ योजना की शर्तों के अनुरूप दुकानों पर लागू होगा।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त छूट
डॉ. अजय गुप्ता के अनुसार, योजना के तहत पात्र वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं को 10-10 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान है। इसके अलावा, जो पात्र दुकानदार पूरा भुगतान एक सप्ताह के भीतर कर देंगे, उन्हें अतिरिक्त 5 प्रतिशत छूट मिल सकती है।
हालांकि, अंतिम भुगतान राशि और मालिकाना हक का हस्तांतरण संबंधित दस्तावेजों की जांच तथा निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगा। दुकानदारों को आवेदन करते समय अपनी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
दुकानदारों को मिलेगा मालिकाना हक
योजना का उद्देश्य लंबे समय से नगर निगम की दुकानों में कारोबार कर रहे पात्र किराएदारों को मालिकाना हक उपलब्ध करवाना है। इससे दुकानदारों को अपने कारोबार के लिए अधिक कानूनी सुरक्षा मिल सकती है और दुकान के भविष्य को लेकर अनिश्चितता कम हो सकती है।
विधायक ने कहा कि पात्र दुकानदारों को आवेदन प्रक्रिया में सहायता देने के लिए नगर निगम की टीम सहयोग करेगी। उन्होंने सभी पात्र दुकानदारों से निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन जमा करवाने की अपील की।
अब योजना के तहत प्राप्त आवेदनों की जांच और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संबंधित अधिकारियों की स्वीकृति और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पात्र दुकानदारों के नाम पर दुकानों का स्वामित्व हस्तांतरित किया जा सकेगा।
