15 जून 2026 : Haryana के एक डेयरी अनुसंधान संस्थान ने पशुओं को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए वातानुकूलित (एयर-कंडीशन्ड) शेड विकसित किए हैं। इस पहल का उद्देश्य पशुओं के स्वास्थ्य की रक्षा करना और गर्मी के कारण होने वाले दुग्ध उत्पादन में नुकसान को कम करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक तापमान का असर पशुओं की सेहत, चारे की खपत और दूध उत्पादन पर पड़ता है। ऐसे में नियंत्रित तापमान वाले शेड पशुओं को आरामदायक वातावरण प्रदान करते हैं, जिससे उनकी उत्पादकता बेहतर बनी रह सकती है।
संस्थान द्वारा विकसित इस मॉडल में तापमान नियंत्रण, बेहतर वेंटिलेशन और पशुओं के लिए आरामदायक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इससे हीट स्ट्रेस को कम करने और पशुओं की कार्यक्षमता बनाए रखने में मदद मिलती है।
पशुपालन विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी के दौर में ऐसी तकनीकें डेयरी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं। इससे पशुओं की सेहत में सुधार के साथ-साथ किसानों की आय पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
Haryana देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में से एक है। ऐसे नवाचार राज्य में डेयरी उद्योग को अधिक आधुनिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
