07 जून 2026 : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शाहदरा जिले में स्थित मशहूर कपड़ा बाजार ‘गांधी नगर’ (Gandhi Nagar) में बीती रात एक दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली के पुराने बाजारों की सुरक्षा और वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है लेकिन इस हादसे के बीच दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के जो सरकारी आंकड़े सामने आए हैं वे बेहद डराने वाले हैं।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। इस बीच दिल्ली सरकार और दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के डेटा के मुताबिक 2019 से 21 मार्च 2026 के बीच आग से जुड़ी घटनाओं में 500 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई। इसी दौरान हज़ारों लोग घायल भी हुए। DFS के मुताबिक 2019-20 में कुल 95 मौतें हुईं, 2020-21 में कुल 41 मौतें हुईं, 2021-22 में कुल 55 मौतें हुईं, 2022-23 में कुल 95 मौतें हुईं, 2023-24 में कुल 77 मौतें हुईं, 2024-25 में कुल 90 मौतें हुईं और 2025-26 (21 मार्च तक) में कुल 65 मौतें हुईं।
एक साल में सबसे ज़्यादा मौतें 2019-20 में दर्ज की गईं जिसकी मुख्य वजह अनाज मंडी में लगी दुखद आग थी, जिसमें अकेले 44 लोगों की जान चली गई थी। इसके अलावा 2019 से 2025 के बीच आग लगने की घटनाओं में कम से कम 4,403 लोग घायल हुए। वहीं फायर एक्सपर्ट्स का कहना है कि दिल्ली के व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों में संकरी गलियां, लटकते हुए बिजली के तार और अवैध निर्माण सबसे बड़ी मुसीबत हैं। गांधी नगर का यह हादसा एक चेतावनी है कि अगर समय रहते बाजारों के इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक नहीं किया गया तो भविष्य में कोई भी बड़ा हादसा बड़ी जनहानि का कारण बन सकता है।
