पंजाब 08 नवंबर 2026 : ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में आने वाले समय में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। केंद्र सरकार लाइसेंस बनवाने से लेकर उसमें जानकारी अपडेट कराने तक की प्रक्रिया को नए तरीके से तैयार कर रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन का ड्राफ्ट जारी किया है।
प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, ऑनलाइन ट्यूटोरियल टेस्ट अब पहले से ज्यादा कठिन हो सकता है। फिलहाल पास होने के लिए 60 प्रतिशत अंक जरूरी हैं, जिन्हें बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की योजना है। इसके साथ ही टेस्ट का समय भी 15 मिनट के बजाय आधा घंटा करने का प्रस्ताव रखा गया है।
इस ड्राफ्ट में एक ऐसा नियम भी शामिल है, जिस पर लाइसेंस धारकों को खास ध्यान देने की जरूरत है। अगर कोई व्यक्ति अपने ड्राइविंग लाइसेंस से किसी वाहन की कैटेगरी को हमेशा के लिए हटवा देता है, तो भविष्य में उसी कैटेगरी का दोबारा लर्नर या ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने के लिए उसे एक साल का इंतजार करना पड़ सकता है।
दूसरी तरफ, लाइसेंस से जुड़े अलग-अलग कामों के लिए आवेदन प्रक्रिया आसान बनाने की तैयारी है। लाइसेंस रिन्यू करवाना हो, डुप्लीकेट बनवाना हो, नई वाहन कैटेगरी जुड़वानी हो या निजी जानकारी में बदलाव करना हो, इन सभी के लिए एक साझा आवेदन फॉर्म लाने का प्रस्ताव है। सारथी पोर्टल पर मौजूद जानकारी का इस्तेमाल होने से आवेदकों को बार-बार अपनी डिटेल भरने से भी राहत मिल सकती है।
नाम और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों में बदलाव के लिए भी समयसीमा तय करने की बात कही गई है। ऐसे आवेदन पर संबंधित विभाग को 15 दिनों के अंदर फैसला लेना होगा। अगर आवेदन अस्वीकार होता है तो उसका कारण बताना जरूरी होगा। वहीं, पते में बदलाव के आवेदन पर 30 दिनों तक कोई फैसला नहीं आता तो उसे अपने आप मंजूर मानने का प्रस्ताव है।
फीस के मामले में भी लोगों को राहत मिलने की संभावना है। आधार से सत्यापित कुछ ऑनलाइन सेवाओं के लिए शुल्क खत्म किया जा सकता है। लाइसेंस में नाम और पता बदलवाने की फीस समाप्त करने पर भी विचार किया गया है। पहचान, उम्र और पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र को मान्यता देने का प्रस्ताव है। तीन महीने से पुराने बिजली और गैस बिल भी पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किए जा सकते हैं। इसके अलावा नए और रिन्यू किए गए ड्राइविंग लाइसेंस पीवीसी या लैमिनेटेड कार्ड के रूप में जारी करने की योजना है। मंत्रालय ने इस मसौदे पर आम लोगों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। ध्यान रहे कि ये अभी प्रस्तावित बदलाव हैं। अंतिम अधिसूचना जारी होने तक मौजूदा नियम ही लागू रहेंगे।
