नई दिल्ली 07 नवंबर 2026 : दिल्ली और NCR के पांच प्रमुख जिलों – नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत – में स्कूलों को अगली सूचना तक कक्षा 5 तक की पढ़ाई ‘हाइब्रिड मोड’ में कराने का निर्देश दिया गया है। हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए अधिकारियों ने ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (GRAP) के तीसरे चरण (Stage III) को लागू कर दिया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री ने एक वीडियो संदेश के जरिए स्कूलों को निर्देश दिया है कि जब तक GRAP के नए नियम लागू रहते हैं, तब तक वे हाइब्रिड मोड में पढ़ाई कराएं। उन्होंने लोगों से इन पाबंदियों का पालन करने की अपील भी की, क्योंकि मौसम के हालात के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है।
5वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को हाइब्रिड मोड में काम करना होगा
सिरसा ने कहा, “5वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों को हाइब्रिड मोड में काम करना होगा, यह अनिवार्य है। ये पाबंदियां NCR के शहरों – नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम और सोनीपत – में भी लागू होंगी।” इस व्यवस्था के तहत, छात्र या तो स्कूल जाकर (फिजिकली) या फिर ऑनलाइन (जहां ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध हो) क्लास में शामिल हो सकते हैं। ऑनलाइन क्लास लेने का विकल्प छात्रों और उनके माता-पिता या अभिभावकों पर निर्भर करेगा। ‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) ने शुक्रवार, 6 नवंबर को GRAP का तीसरा चरण (Stage III) लागू कर दिया, जिससे दिल्ली-NCR में कई और पाबंदियां लग गई हैं।
स्कूल पूरी तरह बंद नहीं-हाइब्रिड लर्निंग अनिवार्य
GRAP के तीसरे चरण के नियमों के तहत, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में कक्षा 5 तक के स्कूलों को, जहां भी संभव हो, फिजिकल और ऑनलाइन दोनों तरह की क्लास चलानी होंगी। यह स्कूलों को पूरी तरह से बंद करने का आदेश नहीं है। स्कूल फिजिकल क्लास जारी रख सकते हैं, साथ ही छात्रों को ऑनलाइन क्लास का विकल्प भी दे सकते हैं। NCR के अन्य जिले भी स्थानीय हालात और अपनी-अपनी राज्य सरकारों के निर्देशों के आधार पर हाइब्रिड क्लास शुरू करने पर विचार कर सकते हैं।
पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर पाबंदियां
GRAP के तीसरे चरण के तहत, दिल्ली और NCR के कुछ खास जिलों में पुराने वाहनों के चलने पर भी रोक लगा दी गई है। BS-III या उससे कम उत्सर्जन मानक (emission standards) वाले पेट्रोल वाहन और BS-IV या उससे कम मानक वाले डीजल वाहनों को दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में चलाने की अनुमति नहीं होगी। इन प्रतिबंधों में दिल्ली में चलने वाले डीजल से चलने वाले BS-IV और उससे पुराने मध्यम श्रेणी के मालवाहक वाहन भी शामिल हैं। दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड, डीजल से चलने वाले पुराने मध्यम और हल्के मालवाहक वाहनों को राजधानी में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी।
दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से तैयार किए गए और उनके निजी सफर के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों को इन प्रतिबंधों से छूट दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार, 6 नवंबर को दिल्ली का कुल AQI (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 382 दर्ज किया गया, जो इसे ‘बहुत खराब’ (very poor) श्रेणी में रखता है और यह ‘गंभीर’ (severe) स्तर के काफी करीब है।
पर्यावरण मंत्री ने चेतावनी दी है कि शनिवार से हवा की गति काफी कम हो सकती है, जिससे प्रदूषक तत्व जमीन के करीब ही जमा हो जाएंगे और हवा की गुणवत्ता और भी खराब हो सकती है। ये प्रतिबंध तब तक लागू रहेंगे जब तक कि GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के तहत उपाय लागू रहेंगे। निवासियों और अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे CAQM, राज्य सरकारों और स्थानीय शिक्षा प्राधिकरणों की ओर से आने वाली आगे की घोषणाओं का पालन करें।
