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पंजाब में स्वयं सहायता समूह चलाएंगे 100 कैंटीन, ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा रोजगार

6 नवंबर 2026 :   पंजाब की भगवंत मान सरकार ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए एक नई पहल शुरू की है। राज्य सरकार पूरे पंजाब में स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) द्वारा संचालित 100 कैंटीन स्थापित करने जा रही है। इन कैंटीनों में आम लोगों को सस्ता, स्वच्छ और पौष्टिक घरेलू भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 5 नवंबर को इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस पहल से हजारों ग्रामीण महिलाओं को नियमित रोजगार के अवसर मिलेंगे।

यह परियोजना मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा महिला दिवस समारोह के दौरान किए गए वादे को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें छोटे व्यवसाय संचालित करने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने का अवसर देना भी है।

पंजाब के प्रमुख सरकारी संस्थानों में खुलेंगी कैंटीन

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, राज्य सरकार और पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (PSRLM) मिलकर इन 100 कैंटीनों की स्थापना करेंगे। इन्हें पंजाब रोडवेज के बस स्टैंडों, तहसीलों, डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालयों, नगर निगम (MC) कार्यालयों, विभागीय मुख्यालयों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक संस्थानों में खोला जाएगा।

इन स्थानों पर रोजाना बड़ी संख्या में कर्मचारी और आम नागरिक अपने सरकारी कामों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कैंटीनों के माध्यम से लोगों को उचित कीमत पर भोजन और नाश्ता उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपना कारोबार चलाने के लिए एक उपयुक्त स्थान भी मिलेगा।

महिलाओं को मिलेगी मुफ्त जगह, बिजली और पानी

इस योजना की खास बात यह है कि कैंटीन संचालित करने वाले स्वयं सहायता समूहों को सरकार की ओर से कई सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि सरकारी कार्यालयों में कैंटीन के लिए मुफ्त जगह दी जाएगी। इसके अलावा बिजली और पानी की सुविधा भी बिना किराए के उपलब्ध कराई जाएगी।

कैंटीन के संचालन के लिए जरूरी रसोई उपकरण और बर्तन भी सरकार की ओर से मुहैया करवाए जाएंगे। इससे महिलाओं को शुरुआत में अधिक पूंजी निवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे अपने कारोबार को व्यवस्थित तरीके से शुरू कर सकेंगी।

सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों पर शुरुआती आर्थिक बोझ कम करना और उन्हें लंबे समय तक कारोबार चलाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

महिलाओं को 7 से 10 दिन की मिलेगी प्रोफेशनल ट्रेनिंग

कैंटीन में भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जिला स्तर के होटल मैनेजमेंट कॉलेजों के साथ मिलकर स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों को 7 से 10 दिनों की प्रोफेशनल ट्रेनिंग उपलब्ध करवाएगा।

इस प्रशिक्षण में खाना बनाने, रसोई का प्रबंधन करने और कैंटीन संचालन से संबंधित जरूरी कौशल सिखाए जाएंगे। इसका उद्देश्य महिलाओं को व्यावसायिक तरीके से कैंटीन चलाने के लिए तैयार करना है।

सरकार चाहती है कि इन कैंटीनों में ग्राहकों को अच्छा भोजन मिले और स्वच्छता के निर्धारित मानकों का पालन किया जाए।

चंडीगढ़ में पहले से चल रहा है पायलट प्रोजेक्ट

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस मॉडल का परीक्षण पहले ही चंडीगढ़ के सेक्टर-33 स्थित वित्त एवं योजना भवन (Vit-Te-Yojana Bhawan) में किया जा चुका है। यहां मोहाली के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कैंटीन का संचालन कर रही हैं।

इस पायलट कैंटीन में ताजा नाश्ता, दोपहर का भोजन और कुल 26 व्यंजनों वाला मेन्यू उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार के अनुसार, इस मॉडल से मिले अनुभव के आधार पर अब इसे पूरे पंजाब में 100 स्थानों तक विस्तारित किया जा रहा है।

हजारों ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा रोजगार

हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस पहल से पंजाब की ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का एक स्थायी माध्यम तैयार होगा। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं कैंटीन का संचालन करके नियमित आमदनी अर्जित कर सकेंगी।

इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने के साथ-साथ अपने परिवार की आय में योगदान देने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा महिलाओं में उद्यमिता, प्रबंधन और व्यावसायिक कौशल को भी बढ़ावा मिलेगा।

सरकार का अनुमान है कि इस योजना के विस्तार से हजारों महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार मिलेगा और लाखों नागरिकों को सस्ता तथा पौष्टिक भोजन उपलब्ध हो सकेगा।

सरकार का महिला सशक्तिकरण पर जोर

पंजाब सरकार की इस पहल में ग्रामीण महिलाओं को स्वयं का व्यवसाय चलाने का अवसर देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्वयं सहायता समूह पहले से ही ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को छोटे व्यवसायों और सामूहिक आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।

अब सरकारी संस्थानों में कैंटीन संचालन की जिम्मेदारी मिलने से इन समूहों को एक नया व्यावसायिक मंच मिलेगा। आने वाले समय में इन कैंटीनों की स्थापना और संचालन की प्रक्रिया पर नजर रहेगी। योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कैंटीनों को कितनी प्रभावी तरीके से शुरू किया जाता है और महिलाओं को नियमित आय के कितने अवसर मिलते हैं।

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