5 नवंबर 2026 : पंजाब की राजनीति में दलित नेता के साथ कथित मारपीट और अपमान का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने बुधवार को चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस भवन का घेराव किया। AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ दलित कांग्रेस नेता रणजीत सिंह तरखान माजरा के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी की और मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
AAP का आरोप है कि पंजाब कांग्रेस के नेता बरिंदर सिंह ढिल्लों ने रणजीत सिंह तरखान माजरा के साथ मारपीट की और जातिसूचक टिप्पणियां कर उनका अपमान किया। पार्टी ने इस घटना को दलित सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व से जवाब मांगा। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी से भी इस मामले पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की, जो उस समय पंजाब में अपनी इंसाफ रैली के लिए पहुंचे हुए थे।
कांग्रेस भवन के बाहर AAP कार्यकर्ताओं की नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने ‘दलित विरोधी कांग्रेस मुर्दाबाद’ और ‘सिख विरोधी कांग्रेस मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाते हुए रणजीत सिंह तरखान माजरा को न्याय दिलाने की मांग की।
AAP नेताओं का कहना था कि कांग्रेस को सबसे पहले अपने संगठन के भीतर उठे इस मामले पर जवाब देना चाहिए। पार्टी ने सवाल उठाया कि जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी देशभर में इंसाफ और सामाजिक न्याय की बात करते हैं, तो उनकी अपनी पार्टी के एक वरिष्ठ दलित नेता के साथ हुई कथित घटना पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
पुलिस ने वाटर कैनन का किया इस्तेमाल
कांग्रेस भवन का घेराव करने पहुंचे AAP कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए चंडीगढ़ पुलिस ने कार्रवाई की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और बल प्रयोग करते हुए कई AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं को सेक्टर-17 पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठा रहे थे और कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही चाहते थे। AAP नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस तरह की कार्रवाई से उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
जसमीर सिंह गढ़ी ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
श्री चमकौर साहिब से AAP के हलका इंचार्ज जसवीर सिंह गढ़ी ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई केवल AAP कार्यकर्ताओं के खिलाफ नहीं, बल्कि दलित समुदाय की आवाज के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं पर पड़ी हर लाठी दलित समुदाय के सम्मान से जुड़ी चोट है। गढ़ी ने राहुल गांधी से सवाल किया कि जब कांग्रेस अपनी ही पार्टी के एक दलित नेता को न्याय नहीं दिला पा रही है, तो उसकी इंसाफ रैली का क्या मतलब रह जाता है।
उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी जिक्र किया और कांग्रेस के ऐतिहासिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। गढ़ी ने कहा कि पंजाब के लोगों को पुराने मामलों और वर्तमान घटनाओं में न्याय मिलना चाहिए।
हरभजन सिंह ईटीओ ने कांग्रेस नेतृत्व को घेरा
पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने भी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दलित समुदाय को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल करती रही है, जबकि उनके सम्मान, अधिकारों और न्याय से जुड़े मुद्दों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया।
ईटीओ ने रणजीत सिंह तरखान माजरा के मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि करीब चार दशक तक कांग्रेस की सेवा करने वाले नेता को उनके बेटे के सामने थप्पड़ मारा गया, धमकाया गया और अपमानित किया गया।
उन्होंने कांग्रेस से मांग की कि बरिंदर सिंह ढिल्लों को पार्टी से बाहर किया जाए और उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया जाए। उन्होंने कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं की कथित टिप्पणियों का भी उल्लेख किया और कहा कि सार्वजनिक जीवन में दलित समुदाय के सम्मान को लेकर जिम्मेदारी जरूरी है।
इशांक छब्बेवाल और रजनीश दहिया ने भी उठाए सवाल
AAP विधायक इशांक छब्बेवाल ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व को इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए। उन्होंने रणजीत सिंह तरखान माजरा के साथ हुई कथित घटना को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इंसाफ की बात करने वाली पार्टी को पहले अपने संगठन में न्याय सुनिश्चित करना चाहिए।
वहीं, AAP विधायक रजनीश दहिया ने कहा कि एक पुराने और वफादार पार्टी कार्यकर्ता का उसके बेटे के सामने कथित रूप से अपमान किया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने तरखान माजरा की उस भावुक वीडियो का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने अपने लिए न्याय की मांग की थी।
दहिया ने सवाल किया कि कांग्रेस के दलित नेता अपने ही साथी के समर्थन में खड़े होने के बजाय राहुल गांधी की रैली में क्यों शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता भारत भूषण आशु की कथित प्रतिक्रिया पर भी आपत्ति जताई और मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
बरिंदर सिंह ढिल्लों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
AAP नेताओं ने कांग्रेस से बरिंदर सिंह ढिल्लों को पार्टी से निष्कासित करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। पार्टी का कहना है कि रणजीत सिंह तरखान माजरा ने कांग्रेस में लगभग चार दशक तक काम किया है और संगठन में कई जिम्मेदारियां निभाई हैं। ऐसे में उनके साथ हुई कथित घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
हालांकि, इस मामले में आरोपों और राजनीतिक बयानों के बीच संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण है। बरिंदर सिंह ढिल्लों ने मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि दोनों पक्षों के बीच केवल मौखिक बहस हुई थी। कांग्रेस की पंजाब इकाई ने भी इस विवाद को लेकर ढिल्लों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है।
AAP ने कहा है कि जब तक रणजीत सिंह तरखान माजरा को न्याय नहीं मिलता और मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी। इस घटना ने पंजाब में कांग्रेस और AAP के बीच राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है।
