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लुधियाना पुलिस के 34 वर्षीय ASI ने हासिल की डॉक्टरेट की डिग्री, 3 साल में पूरी की PhD

3 नवंबर 2026 : पंजाब पुलिस में तैनात एक अधिकारी ने अपनी पढ़ाई और मेहनत से एक खास उपलब्धि हासिल की है। लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) के पद पर तैनात 34 वर्षीय डॉ. रमनदीप सिंह ने महज तीन साल में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (लोक प्रशासन) में PhD पूरी की है। वह फिलहाल DCP (मुख्यालय) के रीडर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।

रमनदीप सिंह का शोध पुलिस व्यवस्था के विकास और अपराधों की रोकथाम तथा जांच में तकनीक की बढ़ती भूमिका पर केंद्रित रहा। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ डॉक्टरेट की पढ़ाई पूरी करना उनकी शैक्षणिक लगन और मेहनत को दर्शाता है।

स्कूल के दिनों से था PhD करने का सपना

डॉ. रमनदीप सिंह ने बताया कि PhD करना उनके स्कूल के दिनों से ही सपना था। उन्होंने एक बार अपने शिक्षक से पूछा था कि क्या पढ़ाई कभी पूरी होती है या कोई व्यक्ति जीवनभर शिक्षा हासिल कर सकता है। शिक्षक ने उन्हें बताया था कि PhD हासिल करने के बाद औपचारिक शिक्षा को पूर्ण माना जा सकता है।

शिक्षक की यह बात उनके मन में रह गई और उन्होंने आगे चलकर डॉक्टरेट करने का लक्ष्य बनाया। उन्होंने फगवाड़ा की एक निजी यूनिवर्सिटी में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन विषय में दाखिला लिया और पुलिस व्यवस्था को अपने शोध का केंद्र बनाया।

साइंस बैकग्राउंड से राजनीति विज्ञान में MA तक का सफर

रमनदीप सिंह की शैक्षणिक यात्रा भी दिलचस्प रही है। उनका शुरुआती शैक्षणिक बैकग्राउंड साइंस (नॉन-मेडिकल) का रहा है। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में MA की डिग्री हासिल की।

पुलिस सेवा में रहते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और लोक प्रशासन में शोध कार्य पूरा किया। तीन साल में PhD पूरी करने की उपलब्धि उनके पेशेवर अनुभव और अकादमिक रुचि के मेल को दर्शाती है।

2012 में कॉन्स्टेबल के रूप में शुरू किया था करियर

डॉ. रमनदीप सिंह वर्ष 2012 में पंजाब पुलिस में कॉन्स्टेबल के रूप में भर्ती हुए थे। वर्ष 2017 में विभागीय परीक्षा पास करने के बाद उन्हें हेड कॉन्स्टेबल के पद पर पदोन्नति मिली। इसके बाद वर्ष 2023 में वह असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर बने।

वर्तमान में वह लुधियाना में DCP (मुख्यालय) के साथ रीडर के रूप में तैनात हैं। पुलिस विभाग में सेवा के साथ उच्च शिक्षा हासिल करने का उनका सफर अन्य कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

पुलिस व्यवस्था और तकनीक पर किया शोध

उनके शोध में पंजाब पुलिस का इतिहास, पुलिस सुधार, पुलिस व्यवस्था में बदलाव की जरूरत और तकनीकी प्रगति जैसे विषय शामिल रहे। इसके अलावा अपराध विश्लेषण, जांच और अपराधियों का पता लगाने के तरीकों पर भी अध्ययन किया गया।

रिसर्च में ऑनलाइन धोखाधड़ी और अपराधियों द्वारा कानून से बचने के लिए तकनीक के इस्तेमाल जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया। रमनदीप सिंह के अनुसार, शोध के दौरान उन्हें पुलिस विभाग के कामकाज को गहराई से समझने और समय के साथ पुलिसिंग में आए बदलावों का अध्ययन करने का अवसर मिला।

डॉ. रमनदीप सिंह की यह उपलब्धि बताती है कि सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों के साथ भी शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रयास किए जा सकते हैं।

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