2 नवंबर 2026 : पंजाब में मुख्यमंत्री मांवां-धियां सत्कार योजना के तहत महिलाओं के बैंक खातों में एक बार फिर आर्थिक सहायता की राशि पहुंची है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने रविवार, 1 नवंबर को अबोहर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्य की 37.43 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में सीधे 1,291 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। राशि जमा होने के बाद लाभार्थियों के मोबाइल फोन पर बैंक के संदेश आने लगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस योजना के दायरे में पंजाब की एक करोड़ महिलाओं को शामिल करना है। उनके मुताबिक, 29 अक्टूबर 2026 तक योजना के लिए 80.05 लाख महिलाएं पंजीकरण करा चुकी थीं।
अब तक 3,934 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता
भगवंत मान ने बताया कि इस नई किस्त से पहले सरकार योजना के तहत 76.35 लाख महिलाओं को 2,643.71 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दे चुकी थी। अब 1,291 करोड़ रुपये के ताजा भुगतान के बाद योजना के तहत कुल वितरित राशि 3,934.80 करोड़ रुपये हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य महिलाओं को सीधे आर्थिक सहायता देकर उनकी वित्तीय स्वतंत्रता और आत्मसम्मान को मजबूत करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्रता परिवार के आधार पर सीमित नहीं होगी। यदि एक ही परिवार में तीन महिलाएं योजना की पात्र हैं, तो तीनों को अलग-अलग लाभ मिल सकता है।
1 दिसंबर को आएगी अगली किस्त
मुख्यमंत्री ने अगली किस्त को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगला भुगतान 1 दिसंबर को किया जाएगा। इसके बाद 1 जनवरी को पात्र पंजीकृत महिलाओं के खातों में तीन महीने की सहायता राशि एक साथ भेजी जाएगी। उन्होंने इसे नए साल का तोहफा बताया।
सरकार का अनुमान है कि जनवरी तक योजना में पंजीकृत महिलाओं की संख्या एक करोड़ के लक्ष्य के करीब पहुंच सकती है। योजना के पूरी तरह लागू होने पर सालाना 12,000 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है।
पंजीकरण में मदद करने वाली सत्कार सखियों को भी प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने योजना के पंजीकरण कार्य में जुटी महिलाओं के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए 1,37,723 सत्कार सखियां काम कर रही हैं। इनके योगदान के लिए 51.30 करोड़ रुपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे।
इसके अलावा पंजीकरण में सहयोग करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए भी 25 करोड़ रुपये की राशि देने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों के योगदान को उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।
स्वास्थ्य, बिजली और रोजगार योजनाओं का भी किया जिक्र
अबोहर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भगवंत मान ने सरकार की दूसरी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 54 लाख स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं और राज्य के करीब 90 प्रतिशत घरों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकार ने अब तक 70,685 युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि 2021 में सरकारी स्कूलों के 80 विद्यार्थियों ने NEET परीक्षा पास की थी, जबकि 2026 में यह संख्या बढ़कर 882 हो गई।
नहरी सिंचाई और सड़क विकास पर भी रखे आंकड़े
मुख्यमंत्री ने राज्य में नहरी सिंचाई के विस्तार का दावा करते हुए कहा कि 1,587 ऐसे गांवों के खेतों तक नहरी पानी पहुंचाया गया है, जहां पहले यह सुविधा नहीं थी। उनके अनुसार, नहरी सिंचाई का दायरा 2022 में 20.89 लाख एकड़ से बढ़कर अब 60.30 लाख एकड़ हो गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में लगभग 45 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण और अपग्रेडेशन का काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
