2 नवंबर 2026 : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को पटियाला में आयोजित रैली के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के नाम के आगे ब्रैकेट में कांग्रेस लिख देना चाहिए। उन्होंने भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस के पूर्व नेताओं का जिक्र करते हुए यह राजनीतिक तंज कसा। अपने भाषण में मान ने सुनील जाखड़, मनप्रीत बादल और रवनीत सिंह बिट्टू के नाम भी लिए।
BJP में कांग्रेस नेताओं के शामिल होने पर कसा तंज
रैली में अपने संबोधन के दौरान भगवंत मान ने बताया कि पत्रकारों ने उनसे भाजपा के भविष्य को लेकर सवाल किया था। इस पर उन्होंने कहा कि भाजपा के नाम के आगे ब्रैकेट में कांग्रेस लिख देना चाहिए।
मुख्यमंत्री का यह बयान भाजपा में कांग्रेस से आए नेताओं की मौजूदगी को लेकर था। उन्होंने कहा कि सुनील जाखड़, मनप्रीत बादल और रवनीत सिंह बिट्टू पहले कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और अब भाजपा में हैं। इसी आधार पर उन्होंने भाजपा की राजनीतिक पहचान पर सवाल उठाते हुए कटाक्ष किया।
जाखड़, मनप्रीत बादल और बिट्टू का किया जिक्र
भगवंत मान ने अपने भाषण में पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़, मनप्रीत बादल और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का नाम लिया। तीनों नेता पहले कांग्रेस में रह चुके हैं और बाद में भाजपा में शामिल हुए।
मान ने इन नेताओं का उदाहरण देते हुए भाजपा पर कांग्रेस से आए नेताओं के सहारे पंजाब में राजनीतिक आधार बनाने का आरोप लगाया। उनका यह बयान राज्य में भाजपा और कांग्रेस के बीच नेताओं के दल-बदल को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच आया है।
पंजाब में दल-बदल के बीच तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोमवार को आम आदमी पार्टी छोड़ चुके तीन नेता—कुंवर विजय प्रताप सिंह, हरमीत सिंह पठानमाजरा और चेतन सिंह जौड़ामाजरा—भाजपा में शामिल हुए। इस घटनाक्रम के बीच भगवंत मान का बयान सामने आया है।
आम आदमी पार्टी और भाजपा के नेता एक-दूसरे पर लगातार राजनीतिक आरोप लगा रहे हैं। नेताओं के दल बदलने और चुनावी रणनीति को लेकर राज्य में सियासी चर्चा तेज हो गई है।
2027 के चुनाव से पहले बढ़ेगी राजनीतिक हलचल
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। ऐसे में नेताओं के पार्टी बदलने, गठबंधन की संभावनाओं और एक-दूसरे पर हमलों का सिलसिला आगे भी चर्चा में रह सकता है।
पटियाला की रैली में भगवंत मान का भाजपा पर किया गया यह कटाक्ष इसी राजनीतिक माहौल का हिस्सा है। उनके बयान के बाद भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी नजर रहेगी।
