29 अक्तूबर 2026: पंजाब में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए स्कूलों के पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को शामिल किया जा रहा है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आठवीं से बारहवीं कक्षा तक कंप्यूटर साइंस के पाठ्यक्रम में AI से जुड़े विषय शामिल किए हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूली स्तर पर ही नई तकनीक की बुनियादी जानकारी देना और उन्हें भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करना है।
कंप्यूटर साइंस के साथ पढ़ाई जाएगी AI
बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर साइंस विषय को अपडेट करके कंप्यूटर साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (CSAI) बेसिक के रूप में पढ़ाया जाएगा। वहीं, बोर्ड से संबद्ध और एसोसिएटेड स्कूलों को CSAI एडवांस पाठ्यक्रम अपनाने का विकल्प दिया गया है।
यह पहल राज्य सरकार के ‘सरबत.AI’ कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसे शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जुलाई 2026 में शुरू किया था। इसके तहत विद्यार्थियों को AI की बुनियादी समझ देने के साथ तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी जोर दिया जा रहा है।
परीक्षा में AI से जुड़े प्रश्न भी आएंगे
नई व्यवस्था के तहत AI से संबंधित प्रश्नों को वार्षिक परीक्षाओं में शामिल किया जाएगा। सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विषय की थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षा में अलग-अलग 15 प्रतिशत अंक AI से जुड़े विषयों के लिए निर्धारित किए गए हैं।
इस बदलाव से विद्यार्थियों को केवल कंप्यूटर चलाने की जानकारी तक सीमित रहने के बजाय AI के उपयोग और उससे जुड़ी अवधारणाओं को समझने का अवसर मिलेगा। नई मूल्यांकन व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू की जा रही है।
शिक्षकों को दिया जाएगा ऑनलाइन प्रशिक्षण
नए पाठ्यक्रम को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सरकारी स्कूलों के कंप्यूटर शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। शिक्षकों को तीन सत्रों में कुल पांच घंटे का प्रशिक्षण पूरा करना है। इसके बाद वे विद्यार्थियों को 40-40 मिनट के 15 व्याख्यानों के माध्यम से AI से संबंधित विषय पढ़ाएंगे।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से शिक्षकों को पढ़ाई के लिए जरूरी अध्ययन सामग्री और अन्य संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षक नई तकनीक से जुड़े विषयों को विद्यार्थियों तक सरल तरीके से पहुंचा सकें।
निजी स्कूलों के पास एडवांस पाठ्यक्रम का विकल्प
बोर्ड से संबद्ध और एसोसिएटेड स्कूलों को AI का एडवांस पाठ्यक्रम शुरू करने का विकल्प दिया गया है। इच्छुक स्कूलों को इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण करवाना है। जो स्कूल इस विकल्प को नहीं अपनाएंगे, वहां संबंधित कक्षाओं में पहले की तरह कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई जारी रह सकती है।
एडवांस पाठ्यक्रम के तहत ऑनलाइन लाइव कक्षाओं के जरिए भी पढ़ाई कराने की योजना है, जिसमें AI विशेषज्ञ शिक्षकों की मदद करेंगे। इससे स्कूलों को नए विषय को पढ़ाने और तकनीकी जानकारी बढ़ाने में सहयोग मिल सकता है।
विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीक से जोड़ने की तैयारी
AI का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और डिजिटल सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में बढ़ रहा है। ऐसे में स्कूली स्तर पर इसकी जानकारी देना विद्यार्थियों को नई तकनीक के अवसरों और सीमाओं से परिचित कराने की दिशा में एक कदम है।
हालांकि, इस पहल की सफलता शिक्षकों के प्रशिक्षण, पर्याप्त डिजिटल संसाधनों और कक्षाओं में पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। पंजाब में AI को कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई से जोड़ने का यह कदम विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है।
