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पाकिस्तान के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने भगवंत मान और पंजाब के सभी विधायकों को दिया न्योता, करतारपुर साहिब जाने की भी अपील

29 अक्तूबर 2026:  पाकिस्तान के अल्पसंख्यक मामलों के प्रांतीय मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और पंजाब विधानसभा के सभी विधायकों को पाकिस्तान आने का औपचारिक निमंत्रण दिया है। अरोड़ा पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने यह न्योता सांस्कृतिक संबंधों, धार्मिक पर्यटन और दोनों ओर के पंजाब के लोगों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से दिया।

लाहौर में अंतरराष्ट्रीय पंजाबी सम्मेलन का न्योता

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब विधानसभा में कहा था कि वह लाहौर में होने वाले चौथे अंतरराष्ट्रीय पंजाबी सम्मेलन में शामिल होना चाहते हैं। यह सम्मेलन 27 से 29 नवंबर 2026 तक आयोजित होना निर्धारित है। इसके आयोजकों में पंजाबी कवि बाबा बशीर हुसैन नज़मी, जिन्हें बाबा नज़मी के नाम से भी जाना जाता है, और पंजाबी प्रचार संगठन शामिल हैं।

अरोड़ा ने मान को संबोधित करते हुए कहा कि पाकिस्तान उनका स्वागत करने के लिए तैयार है। उन्होंने पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और राज्य के सभी विधायकों को भी पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया।

करतारपुर साहिब के दर्शन का भी दिया न्योता

अरोड़ा ने मुख्यमंत्री मान और पंजाब के विधायकों को गुरुद्वारा दरबार साहिब, करतारपुर सहित पाकिस्तान में स्थित अन्य धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की यात्राएं धार्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में मदद कर सकती हैं।

उन्होंने करतारपुर कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने की जरूरत पर भी जोर दिया। यह कॉरिडोर भारत के डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब से जोड़ता है और सिख श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।

केंद्र सरकार की अनुमति पर निर्भर करेगा दौरा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा में पाकिस्तान जाने की इच्छा जताते हुए केंद्र सरकार से अनुमति मिलने को लेकर संदेह भी व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि जब उन्हें फ्रांस या जापान जैसे देशों की यात्रा की अनुमति नहीं मिली, तो पाकिस्तान जाने की मंजूरी मिलना भी अनिश्चित है।

अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए आवश्यक राजनीतिक और सुरक्षा मंजूरियों के कारण प्रस्तावित दौरे की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। निमंत्रण मिलने का अर्थ यह नहीं है कि यात्रा की अनुमति मिल गई है या मुख्यमंत्री की पाकिस्तान यात्रा की तारीख तय हो चुकी है।

सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर

भारत और पाकिस्तान के पंजाब क्षेत्रों के बीच भाषा, साहित्य, संगीत और ऐतिहासिक विरासत के कई साझा पहलू हैं। अंतरराष्ट्रीय पंजाबी सम्मेलन जैसे कार्यक्रमों का उद्देश्य पंजाबी भाषा और संस्कृति से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाना है।

फिलहाल, मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के विधायकों के संभावित पाकिस्तान दौरे पर अंतिम फैसला आवश्यक अनुमतियों और आधिकारिक व्यवस्थाओं के आधार पर होगा। यदि यात्रा को मंजूरी मिलती है, तो सम्मेलन में भाग लेने और धार्मिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिल सकता है।

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