28 अक्तूबर 2026: चंडीगढ़ नगर निगम की हाउस बैठक में सड़कों की दोबारा कारपेटिंग यानी री-कारपेटिंग के काम में हो रही देरी का मुद्दा उठाया गया। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के पार्षदों ने शहर की सड़कों की स्थिति और मरम्मत कार्यों की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाए।
पार्षदों की ओर से यह मुद्दा ऐसे समय उठाया गया है, जब शहर के कई इलाकों में सड़क सुधार और रखरखाव के काम को लेकर लोगों की परेशानियां सामने आती रही हैं। री-कारपेटिंग का उद्देश्य सड़कों की ऊपरी परत को नया करना और गड्ढों व खराब सतह से वाहन चालकों को राहत देना होता है।
सड़कों की मरम्मत में देरी पर सवाल
हाउस बैठक में कांग्रेस और AAP पार्षदों ने री-कारपेटिंग के काम में देरी को लेकर चिंता जताई। सड़क मरम्मत जैसे बुनियादी नागरिक कार्यों में देरी से स्थानीय निवासियों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।
री-कारपेटिंग के काम में देरी के कारणों और संबंधित वार्डों में लंबित परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि किन सड़कों पर काम सबसे अधिक प्रभावित हुआ है और उन्हें पूरा करने के लिए क्या समयसीमा तय की गई है।
नगर निगम के सामने सड़क सुधार की चुनौती
चंडीगढ़ में सड़कों का रखरखाव नगर निगम के प्रमुख नागरिक कार्यों में शामिल है। समय पर मरम्मत होने से यातायात को सुचारु रखने और सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने में मदद मिलती है। वहीं, काम में देरी होने पर गड्ढों और खराब सड़क सतह के कारण वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
नगर निगम के लिए जरूरी है कि लंबित कामों की स्थिति स्पष्ट की जाए और मरम्मत कार्यों को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में कदम उठाए जाएं।
आगे की कार्रवाई पर नजर
बैठक में मुद्दा उठाए जाने के बाद अब यह देखना होगा कि री-कारपेटिंग के काम में तेजी लाने के लिए नगर निगम क्या कदम उठाता है। उपलब्ध जानकारी में अधिकारियों की ओर से दिए गए जवाब, लंबित सड़कों की संख्या या काम पूरा करने की नई समयसीमा का विवरण शामिल नहीं है।
