19 अक्तूबर 2026: हरियाणा के सिरसा में इस बार दशहरा उत्सव पर रावण का एक अनोखा पुतला लोगों के आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है। 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले के साथ 80 फीट लंबी मूंछ इसे खास पहचान देगी। दशहरे के अवसर पर तैयार किया जा रहा यह विशाल पुतला उत्सव की प्रमुख आकर्षणों में शामिल होने की उम्मीद है।
दशहरा देशभर में बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध किए जाने की परंपरा को रामलीला और रावण दहन के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। अलग-अलग शहरों में दशहरा समारोह के दौरान रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले तैयार किए जाते हैं। इन पुतलों का आकार, सजावट और निर्माण शैली हर साल लोगों की उत्सुकता बढ़ाते हैं।
सिरसा में 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले के साथ 80 फीट लंबी मूंछ का विशेष संयोजन इसे अन्य पुतलों से अलग बनाता है। मूंछ की लंबाई पुतले के आकार से भी अधिक चर्चा का विषय बन सकती है। विशाल पुतले को देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी लोगों के पहुंचने की संभावना है।
दशहरा उत्सव केवल रावण दहन तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामुदायिक मेलजोल का अवसर भी होता है। रामलीला के मंचन से लेकर मेले और अन्य गतिविधियों तक, इस त्योहार में परिवारों और बच्चों की भागीदारी रहती है। बड़े आकार के पुतले ऐसे आयोजनों में लोगों के आकर्षण को और बढ़ाते हैं।
रावण का पुतला तैयार करने में उसकी ऊंचाई, बाहरी सजावट और संरचना को ध्यान में रखा जाता है। इतने बड़े पुतले के निर्माण के लिए कारीगरों को विशेष योजना और मेहनत करनी पड़ती है। उसकी स्थिरता और रावण दहन के दौरान सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होती है। आयोजन स्थल पर भीड़ प्रबंधन और आग से बचाव के इंतजाम ऐसे कार्यक्रमों का जरूरी हिस्सा होते हैं।
सिरसा में इस बार रावण की 80 फीट लंबी मूंछ उत्सव को एक अलग पहचान दे सकती है। आमतौर पर रावण के दस सिर, पारंपरिक वेशभूषा और विशाल कद को पुतले की खासियत माना जाता है, लेकिन यहां मूंछ की असाधारण लंबाई चर्चा का प्रमुख कारण बन रही है। यही वजह है कि दशहरे से पहले ही इस पुतले को लेकर लोगों में उत्सुकता बढ़ने की उम्मीद है।
दशहरे के दिन रावण दहन के साथ बुराई, अहंकार और अन्याय के अंत का संदेश दिया जाता है। धार्मिक कथाओं में रावण को विद्वान और शक्तिशाली होने के बावजूद अहंकार तथा गलत आचरण के कारण पतन का सामना करने वाले पात्र के रूप में देखा जाता है। इसीलिए दशहरा लोगों को सत्य, मर्यादा और अच्छे आचरण के महत्व की याद दिलाता है।
सिरसा में होने वाले समारोह की विस्तृत व्यवस्थाओं, रावण दहन के समय और आयोजन स्थल से संबंधित जानकारी स्थानीय आयोजकों की ओर से जारी विवरण के आधार पर देखी जानी चाहिए। फिलहाल 60 फीट ऊंचे रावण और 80 फीट लंबी मूंछ की खासियत इस बार के दशहरा उत्सव को चर्चा में ला रही है।
