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लुधियाना में मेडिकल स्टोरों पर पुलिस की सख्ती, दवाओं की बिक्री की जांच तेज

18 अक्तूबर 2026: पंजाब के लुधियाना में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पुलिस ने शहर के मेडिकल स्टोरों पर जांच अभियान तेज कर दिया है। पुलिस यह सुनिश्चित करने के लिए दुकानों की जांच कर रही है कि कहीं प्रतिबंधित और नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं अवैध रूप से तो नहीं बेची जा रही हैं। यह कार्रवाई कराबारा रोड स्थित एक मेडिकल स्टोर पर युवक की मौत के बाद हुए हंगामे के बीच की जा रही है।

युवक की मौत के बाद बढ़ा तनाव

मामला लुधियाना के पुराने सब्जी मंडी क्षेत्र में कराबारा रोड का है। रिपोर्ट के अनुसार, साहिल ठाकुर उर्फ सैंपी की कथित तौर पर नशीली दवाओं के सेवन के बाद तबीयत बिगड़ गई थी। बताया गया कि वह दवा लेने के बाद अपनी फैक्टरी लौटा, जहां अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। कर्मचारियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने आरोप लगाया कि युवक ने संबंधित मेडिकल स्टोर से नशीली गोलियां या कैप्सूल लिए थे और उनके सेवन के बाद उसकी मौत हुई। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी।

गुस्साई भीड़ ने मेडिकल स्टोर में की तोड़फोड़

युवक की मौत की खबर फैलने के बाद स्थानीय लोग मेडिकल स्टोर के बाहर इकट्ठा हो गए। भीड़ ने दुकान के शीशे तोड़ दिए और वहां रखी दवाओं तथा अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। दुकान संचालक ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो उसके साथ कथित तौर पर मारपीट भी की गई।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक जसविंदर कुमार को हिरासत में लिया और बाद में गैर-इरादतन हत्या से संबंधित आरोपों के तहत गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में युवक को प्रतिबंधित गोलियां बेचे जाने के आरोप सामने आए हैं। हालांकि, दुकान संचालक ने नशीली दवाएं बेचने के आरोपों से इनकार किया है।

सभी 28 थाना प्रभारियों को दिए गए निर्देश

घटना के बाद लुधियाना पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में मेडिकल स्टोरों की जांच बढ़ा दी है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने कमिश्नरेट के सभी 28 थाना प्रभारियों को प्रतिबंधित नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में शामिल दुकानदारों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त-1 समीर वर्मा के अनुसार, पुलिस और नागरिक प्रशासन मिलकर मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर रहे हैं। दुकानदारों को पहले भी चेतावनी दी गई थी कि यदि वे प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री में शामिल पाए जाते हैं, तो उनके लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश संबंधित औषधि अधिकारियों से की जा सकती है।

दुकान के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संबंधित मेडिकल स्टोर से पहले भी नशीली या प्रतिबंधित दवाएं बेची जाती थीं या नहीं। जांच में दुकान के पुराने रिकॉर्ड, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और युवक की मौत से जुड़े तथ्यों को शामिल किया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, केवल आरोपों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट से भी मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिलेगी।

लुधियाना की यह घटना पंजाब में नशे के लिए दवाओं के कथित दुरुपयोग और उनकी अवैध बिक्री पर नियंत्रण की चुनौती को फिर सामने लाती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभियान जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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