15 अक्तूबर 2026: नई दिल्ली में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां तेज कर दी हैं। कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की ओर से दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में समर्थकों को तिरंगा लेकर जुटने की अपील के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी गुरुवार, 15 अक्टूबर को एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। बैठक में संभावित भीड़ को नियंत्रित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मध्य दिल्ली में यातायात को सुचारू रखने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, बैठक की अध्यक्षता दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार करेंगे। इसमें कानून-व्यवस्था से जुड़े विशेष पुलिस आयुक्तों के अलावा अपराध शाखा, स्पेशल सेल, खुफिया विभाग और ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। नई दिल्ली रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त और नई दिल्ली जिले के पुलिस उपायुक्त के भी बैठक में शामिल होने की संभावना है।
पुलिस अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के आसपास सुरक्षा बनाए रखना है। कनॉट प्लेस में आने-जाने के कई रास्ते हैं और यहां अलग-अलग दिशाओं से पहुंचा जा सकता है। ऐसे में पुलिस अधिकारी प्रवेश और निकास के रास्तों पर बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती और भीड़ को नियंत्रित करने के विकल्पों पर विचार करेंगे। जरूरत पड़ने पर मेट्रो स्टेशन के कुछ प्रवेश और निकास द्वारों पर प्रतिबंध लगाने के मुद्दे पर भी फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, मेट्रो स्टेशनों को बंद करने के संबंध में अंतिम निर्णय की पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।
यह मार्च सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके की उस अपील के बाद प्रस्तावित है, जिसमें उन्होंने समर्थकों से 16 अक्टूबर को सेंट्रल पार्क पहुंचकर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का आह्वान किया है। दीपके ने दावा किया है कि पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रंका को तिरंगा फहराने के कारण जेल भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, दोनों नेताओं को कथित तौर पर शांति बनाए रखने से संबंधित बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन करने और प्रतिबंधित प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर में प्रवेश करने के मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
सीजेपी का यह आह्वान ऐसे समय आया है, जब राजधानी में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को लेकर पहले से तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पार्टी और कुछ अन्य संगठनों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं। इन प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव तथा यातायात बाधित होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
दिल्ली पुलिस ने पहले भी सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं जताई हैं। पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 15 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति पिछले अनुभवों, 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा और आयोजकों द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने में कथित कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए नहीं दी गई थी। पुलिस ने यह भी कहा कि लगातार प्रदर्शनों से मध्य दिल्ली में आम लोगों को परेशानी हुई थी।
सुरक्षा बैठक में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का पालन सुनिश्चित करने पर भी चर्चा होगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, नई दिल्ली क्षेत्र में लागू प्रतिबंधों के दौरान किसी भी बड़े जमावड़े को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जाएंगे।
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए मध्य दिल्ली में यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका है। पुलिस कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में संभावित जाम को रोकने के लिए यातायात डायवर्जन तथा अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती पर विचार कर रही है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलने से पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की आधिकारिक सूचनाएं जांच लें।
फिलहाल, पुलिस की बैठक का उद्देश्य 16 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले सुरक्षा और यातायात की रणनीति तय करना है। मार्च की अनुमति, संभावित प्रतिबंधों और मेट्रो सेवाओं से जुड़े अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।
