15 अक्तूबर 2026: हरियाणा के अंबाला में धान की सरकारी खरीद पर लगाई गई सीमा को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ गई है। भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) ने चेतावनी दी है कि यदि धान खरीद से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो 17 अक्टूबर को अंबाला-हिसार रोड जाम किया जाएगा। किसानों का कहना है कि मौजूदा खरीद सीमा के कारण वे अपने खेतों में पैदा हुई पूरी फसल सरकारी खरीद केंद्रों पर नहीं बेच पा रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर किसानों ने अंबाला सिटी की अनाज मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालयों के बाहर धरना दिया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
किसानों की प्रमुख मांग है कि धान की खरीद पर प्रति एकड़ तय सीमा को हटाया जाए और खेतों में पैदा हुई पूरी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर खरीदा जाए। किसानों के अनुसार, अंबाला में प्रति एकड़ 26.26 क्विंटल धान की खरीद की सीमा तय की गई है, जबकि कई किसानों का कहना है कि उनकी फसल का उत्पादन 30 क्विंटल प्रति एकड़ से अधिक हो रहा है। ऐसे में निर्धारित सीमा से ज्यादा पैदा हुए धान की बिक्री को लेकर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के अध्यक्ष अमरजीत सिंह मोहड़ी ने कहा कि किसान लंबे समय से सरकार से खरीद सीमा हटाने और पूरी उपज की खरीद सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि किसान अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में पहुंच रहे हैं, लेकिन तय सीमा के कारण उनकी पूरी उपज की खरीद नहीं हो पा रही है। किसान चाहते हैं कि उन्हें अपनी फसल बेचने के लिए दूसरे खरीदारों की तलाश न करनी पड़े और सरकारी खरीद व्यवस्था के तहत उनकी उपज की खरीद सुनिश्चित हो।
किसान नेताओं के मुताबिक, हाल ही में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने अंबाला की अनाज मंडियों का दौरा किया था। इस दौरान अधिक उत्पादन होने की स्थिति में अतिरिक्त धान की खरीद के लिए किसानों को संबंधित मार्केट कमेटी के सचिवों के पास अनुरोध देने की बात कही गई थी। बताया गया था कि मामले की जांच और सत्यापन के बाद अतिरिक्त उपज की खरीद की जा सकती है।
हालांकि, किसान नेताओं का दावा है कि मंडी स्तर पर अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश नहीं मिले हैं। उनका कहना है कि मार्केट कमेटी के सचिवों ने नए गेट पास जारी करने के लिए निर्देश मिलने की जानकारी नहीं दी है। इससे किसानों की मुश्किलें बनी हुई हैं और अतिरिक्त धान की बिक्री को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
किसानों ने बताया कि वे अपनी समस्याओं को लेकर सरकार को ज्ञापन भी सौंप चुके हैं। किसान संगठनों का कहना है कि उन्हें समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन मिला था, लेकिन मंडियों में स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसी वजह से किसानों ने आंदोलन तेज करने का फैसला किया है।
किसान संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि अगले दो दिनों में धान खरीद की सीमा हटाने और अतिरिक्त उपज की खरीद को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो 17 अक्टूबर को अंबाला सिटी की अनाज मंडी के बाहर अंबाला-हिसार रोड पर जाम लगाया जाएगा। इस चेतावनी के बाद धान खरीद से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
धान खरीद के इस मुद्दे का सीधा संबंध किसानों की फसल की बिक्री और उनकी आय से है। किसान चाहते हैं कि मंडियों में खरीद प्रक्रिया स्पष्ट हो और उनकी पूरी उपज को नियमानुसार खरीदने की व्यवस्था की जाए। अब देखना होगा कि राज्य सरकार और संबंधित अधिकारी किसानों की मांगों पर क्या कदम उठाते हैं और प्रस्तावित सड़क जाम से पहले विवाद का समाधान निकल पाता है या नहीं।
