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अंडर-16 क्रिकेट टूर्नामेंट में पंजाब उपविजेता, हरजगततेश्वर सिंह खैरा बने प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट

14 अक्टूबर 2026 पंजाब की अंडर-16 क्रिकेट टीम ने ऑल इंडिया जेवाई लेले मेमोरियल इनविटेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए उपविजेता स्थान हासिल किया। वडोदरा में खेले गए तीन दिवसीय फाइनल मुकाबले में पंजाब को मुंबई के खिलाफ पहली पारी की बढ़त के आधार पर हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, टीम खिताब जीतने से चूक गई, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में पंजाब के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और बल्लेबाजी कौशल से प्रभावित किया। टीम के कप्तान हरजगततेश्वर सिंह खैरा को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।

हरजगततेश्वर सिंह खैरा इस प्रतियोगिता में पंजाब के सबसे सफल बल्लेबाज रहे। उन्होंने आठ पारियों में कुल 608 रन बनाए और उनका बल्लेबाजी औसत 101.33 रहा। इस दौरान उन्होंने तीन शतक और दो अर्धशतक लगाए। लगातार शानदार प्रदर्शन के कारण वह टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। कप्तान के रूप में उन्होंने न केवल अपनी बल्लेबाजी से टीम को मजबूती दी, बल्कि महत्वपूर्ण मुकाबलों में जिम्मेदारी के साथ खेलते हुए पंजाब को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

खैरा ने सेमीफाइनल में असम के खिलाफ 142 रन की शानदार पारी खेली थी। उनकी इस पारी ने पंजाब को फाइनल में पहुंचने में मदद की। फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने अपनी अच्छी फॉर्म जारी रखी और 112 रन बनाए। इसके अलावा गुजरात के खिलाफ उन्होंने नाबाद 115 रन की पारी खेली थी। मुंबई के खिलाफ एक अन्य मुकाबले में उन्होंने पहली पारी में 99 रन और दूसरी पारी में नाबाद 47 रन बनाए। मध्य प्रदेश के खिलाफ भी उन्होंने 64 रन का योगदान दिया। इन पारियों ने पूरे टूर्नामेंट में उनकी निरंतरता को दिखाया।

वडोदरा में आयोजित फाइनल मुकाबले में मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 326 रन बनाए। इसके जवाब में पंजाब की टीम 228 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह मुंबई को पहली पारी में 98 रन की महत्वपूर्ण बढ़त मिल गई। मुंबई की ओर से बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज दर्शन राठौड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए पांच विकेट हासिल किए, जबकि हर्ष कदम ने दो विकेट लिए। पंजाब के बल्लेबाजों को मुंबई के गेंदबाजों के सामने रन बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा।

इसके बाद मुंबई ने दूसरी पारी में भी मजबूत बल्लेबाजी की और तीन विकेट पर 272 रन बनाए। हर्ष कदम ने नाबाद 131 रन की शानदार पारी खेली, जबकि आरुष कोल्हे ने 101 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों ने टीम की बढ़त को और मजबूत किया। तीन दिवसीय मुकाबले के समाप्त होने तक मुंबई पहली पारी में हासिल की गई बढ़त के आधार पर चैंपियन बन गई। पंजाब को उपविजेता स्थान मिला।

यह टूर्नामेंट बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से आयोजित किया गया था। इसमें देशभर की 10 टीमों ने हिस्सा लिया था, जिन्हें दो समूहों में बांटा गया था। प्रत्येक समूह में पांच टीमें शामिल थीं। प्रतियोगिता का उद्देश्य अंडर-16 स्तर के उभरते क्रिकेटरों को मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ खेलने का अवसर देना और उन्हें प्रतिस्पर्धी क्रिकेट का अनुभव प्रदान करना था।

पंजाब के लिए इस प्रतियोगिता में सबसे बड़ी उपलब्धि कप्तान खैरा का लगातार अच्छा प्रदर्शन रहा। आठ पारियों में 608 रन बनाना और 101.33 का औसत हासिल करना उनकी बल्लेबाजी क्षमता को दर्शाता है। सेमीफाइनल और फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबलों में शतक लगाकर उन्होंने साबित किया कि वह दबाव की परिस्थितियों में भी बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार उनकी मेहनत और पूरे टूर्नामेंट में निरंतरता का सम्मान है।

हालांकि पंजाब की टीम खिताब अपने नाम नहीं कर सकी, लेकिन टूर्नामेंट में उसका प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण अनुभव लेकर आया। ऐसे मुकाबलों से खिलाड़ियों को अपनी तकनीक सुधारने, मजबूत टीमों के खिलाफ खेलने और आगे की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर मिलता है। अब पंजाब के युवा क्रिकेटरों की नजरें आगामी घरेलू प्रतियोगिताओं पर रहेंगी, जहां वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे।

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