13 अक्टूबर 2026: पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी की है। बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति पर मुख्य आरोपी अश्वनी को वारदात के बाद फरार होने में मदद करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी निजी रंजिश सामने आई है। हालांकि, गिरफ्तार व्यक्ति का नाम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
मुख्य आरोपी को फरार होने में मदद करने वाला गिरफ्तार
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित कीं। जांच के दौरान उस व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसने कथित तौर पर मुख्य आरोपी अश्वनी को फरार होने में मदद की थी।
डीआईजी हरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस को मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे घटना की सूचना मिली थी। पुलिस इस मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। अधिकारियों ने अभी गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान और गिरफ्तारी से जुड़े अतिरिक्त विवरण साझा नहीं किए हैं।
पुरानी निजी रंजिश का मामला
डीआईजी के अनुसार, मृतक परविंदर सिंह झोटा और मुख्य आरोपी के बीच पहले से विवाद था। पुलिस ने बताया कि दोनों के बीच पुरानी दुश्मनी की बात सामने आई है और वर्ष 2023 की एक घटना में भी यह रंजिश उजागर हुई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, जुलाई 2023 में झोटा और उनके कुछ समर्थकों ने अश्वनी कुमार पर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री से जुड़े आरोप लगाए थे। उस समय दोनों पक्षों से संबंधित मामला भी दर्ज हुआ था। हालांकि, मौजूदा हत्या के मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही निकाला जाएगा।
केमिस्ट की दुकान पर हुई थी गोलीबारी
परविंदर सिंह झोटा की हत्या मंगलवार सुबह मानसा शहर में एक केमिस्ट की दुकान पर हुई गोलीबारी के दौरान हुई। घटना में झोटा की मौत हो गई, जबकि उनके साथ मौजूद चार अन्य लोग भी गोली लगने से घायल हुए।
द ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के दौरान झोटा के फेसबुक पेज पर लाइव वीडियो भी प्रसारित हुआ था। वीडियो में दुकान के मालिक के साथ बहस के बाद गोली चलने की आवाज सुनाई दी। घायलों को मानसा के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां झोटा को मृत घोषित कर दिया गया।
पुलिस ने जांच तेज की
हत्या के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश और मामले की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को पकड़ने के लिए कई टीमें काम कर रही हैं। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि वारदात में किन लोगों की भूमिका रही और हत्या से पहले तथा बाद में क्या घटनाक्रम हुआ।
डीआईजी ने बताया कि वारदात में लाइसेंसी हथियार इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। पुलिस ने आरोपी के परिवार के कुछ सदस्यों को भी जांच के दौरान हिरासत में लिया था। हालांकि, मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और पूरे घटनाक्रम की पुष्टि के लिए आगे की जांच जारी है।
हत्या के बाद मानसा में तनाव
झोटा की हत्या के बाद मानसा में लोगों में रोष देखा गया। मंगलवार को कुछ प्रदर्शनकारियों ने उस केमिस्ट की दुकान में तोड़फोड़ की, जिसे हत्या से कथित तौर पर जोड़ा जा रहा है। इस दौरान मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के सामने एक फायर टेंडर को भी नुकसान पहुंचाया गया। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया।
घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क है। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून अपने हाथ में नहीं लेने की अपील की है।
आगे की जांच पर नजर
परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ अभियान चलाने के लिए जाने जाते थे। उनकी हत्या के बाद मामले ने पंजाब में नशे के मुद्दे और कानून-व्यवस्था को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
