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दिल्ली में प्रदर्शन के लिए नया स्थल बना रामलीला मैदान, बुकिंग के लिए देने होंगे 1.21 लाख रुपये; कैलेंडर में केवल तीन तारीखें उपलब्ध

13 अक्टूबर 2026: दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान को नए निर्धारित स्थलों में शामिल किए जाने के बाद इसकी बुकिंग और उपलब्ध तारीखों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। मैदान में एक दिन प्रदर्शन आयोजित करने के लिए शुरुआती तौर पर 1.21 लाख रुपये का भुगतान करना होगा। वहीं, साल 2026 के बाकी हिस्से में बुकिंग के लिए केवल तीन तारीखें उपलब्ध हैं। अधिकारियों के अनुसार, ये तारीखें 29, 30 और 31 दिसंबर हैं।

यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया है। इसके स्थान पर रामलीला मैदान, उत्तरी दिल्ली का बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान प्रदर्शन और सार्वजनिक सभाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। इस फैसले के बाद संगठनों को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए नए स्थानों और उनकी बुकिंग व्यवस्था के अनुसार योजना बनानी होगी।

एक दिन की बुकिंग के लिए कितना देना होगा?

अधिकारियों के मुताबिक, रामलीला मैदान की बुकिंग दर 50,000 रुपये प्रतिदिन है। इसके अलावा 55,000 रुपये की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी, जिसे निर्धारित शर्तों के अनुसार वापस किया जा सकता है। टैक्स सहित एक दिन की बुकिंग के लिए शुरुआती भुगतान लगभग 1.21 लाख रुपये बैठता है।

रामलीला मैदान करीब 12 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें लगभग 50,000 लोगों के जुटने की क्षमता है। इतनी बड़ी जगह पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए आयोजकों को बुकिंग की प्रक्रिया, पुलिस की अनुमति और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का ध्यान रखना होगा।

मैदान की बुकिंग नगर निगम दिल्ली के बागवानी विभाग के माध्यम से की जाती है। किसी आवेदन को मंजूरी देने से पहले दिल्ली पुलिस से अनापत्ति प्रमाणपत्र यानी एनओसी लेना अनिवार्य है। इसका मतलब है कि केवल बुकिंग राशि जमा करना ही प्रदर्शन की अनुमति के लिए पर्याप्त नहीं है।

दिसंबर में केवल तीन तारीखें खाली

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रामलीला मैदान अगले लगभग ढाई महीनों के लिए पहले से बुक है। 2026 के अंत तक सिर्फ 29, 30 और 31 दिसंबर को ही बुकिंग के लिए खाली बताया गया है।

मैदान में पहले से होने वाले कार्यक्रमों और त्योहारों के कारण तारीखों की उपलब्धता सीमित है। ऐसे में जो संगठन आने वाले समय में प्रदर्शन करना चाहते हैं, उनके लिए अपनी तारीख तय करना और जरूरी अनुमतियां प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

तारीखों की कमी के साथ बुकिंग का खर्च भी छोटे संगठनों, सामाजिक समूहों और सीमित संसाधनों वाले प्रदर्शनकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बन सकता है। जंतर-मंतर पर पहले प्रदर्शन आयोजित करने वाले समूहों के लिए यह व्यवस्था खास तौर पर अलग है, क्योंकि वहां इस तरह के मैदान-उपयोग शुल्क की आवश्यकता नहीं थी।

छोटे प्रदर्शनों के लिए मुफ्त जगह भी उपलब्ध

नागरिक अधिकारियों के मुताबिक, रामलीला मैदान का एक छोटा हिस्सा प्रदर्शन और सभाओं के लिए मुफ्त उपलब्ध कराया जा सकता है। हालांकि, इस हिस्से में लगभग 150 लोगों के जुटने की ही क्षमता है।

इसलिए कम लोगों के साथ प्रदर्शन करने वाले समूहों के लिए यह विकल्प उपयोगी हो सकता है, लेकिन बड़ी सभाओं या व्यापक जनभागीदारी वाले कार्यक्रमों के लिए यह पर्याप्त नहीं होगा। ऐसे आयोजनों के लिए बड़े हिस्से की बुकिंग और संबंधित अनुमति की जरूरत पड़ सकती है।

जंतर-मंतर की जगह नए प्रदर्शन स्थल

दिल्ली पुलिस के 11 अक्टूबर के आदेश के बाद जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाया गया और रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान तथा सीबीडी मैदान को नए विकल्पों के रूप में नामित किया गया। पुलिस ने इन स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने की प्रक्रिया के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी जारी करने की बात भी कही है।

इस बदलाव का उद्देश्य सार्वजनिक प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थानों की व्यवस्था करना है, लेकिन नई व्यवस्था के साथ बुकिंग, लागत, यातायात और सुविधाओं से जुड़े सवाल भी सामने आए हैं। रामलीला मैदान व्यस्त व्यावसायिक इलाके में स्थित है और इसके आसपास अस्पताल तथा प्रमुख सड़कें हैं। बड़े आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

आम आदमी पार्टी के दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने भी मैदान की उपलब्धता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले से निर्धारित कार्यक्रमों के बीच यहां प्रदर्शन आयोजित करना मुश्किल हो सकता है। यह राजनीतिक प्रतिक्रिया है; मैदान की वास्तविक उपलब्धता संबंधित बुकिंग रिकॉर्ड और प्रशासन की अनुमति से तय होगी।

कुल मिलाकर, रामलीला मैदान को नए प्रदर्शन स्थल के रूप में निर्धारित किए जाने के बाद आयोजकों के सामने खर्च, तारीख और अनुमति से जुड़ी चुनौतियां हैं। साल के अंत में उपलब्ध तीन तारीखों और सीमित क्षमता वाले मुफ्त हिस्से के कारण प्रदर्शन आयोजित करने वाले समूहों को पहले से योजना बनानी होगी।

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