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चंडीगढ़ की नंदिनी मट्टू ने भारतीय महिला सीनियर फुटबॉल टीम में किया डेब्यू

12 अक्टूबर 2026: चंडीगढ़ की फुटबॉलर नंदिनी मट्टू ने भारतीय महिला सीनियर फुटबॉल टीम की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू कर शहर का नाम रोशन किया है। उन्होंने रूस के खिलाफ कोलकाता के किशोर भारती क्रीड़ांगन में खेले गए दूसरे फ्रेंडली मुकाबले में मैदान पर उतरकर यह उपलब्धि हासिल की। इस उपलब्धि के साथ नंदिनी भारतीय महिला सीनियर टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाली चंडीगढ़ की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

रूस के खिलाफ दूसरे मुकाबले में मिला मौका

भारत और रूस की महिला फुटबॉल टीमों के बीच दो अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मैचों की सीरीज खेली गई। दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम को रूस के खिलाफ 0-8 से हार का सामना करना पड़ा। नंदिनी को दूसरे हाफ में बतौर सब्स्टीट्यूट गोलकीपर मैदान पर उतरने का मौका मिला। उनके मैदान में आने से पहले भारतीय टीम पांच गोल खा चुकी थी।

सीरीज का पहला मुकाबला भी भारत हार गया था, जिसमें रूस ने 4-0 से जीत दर्ज की थी। इस तरह दो मैचों की सीरीज में भारतीय टीम को कुल 0-12 के अंतर से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, नंदिनी के लिए सीनियर टीम की ओर से अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उतरना उनके करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।

स्ट्राइकर से गोलकीपर तक का सफर

नंदिनी मट्टू ने अपने फुटबॉल करियर की शुरुआत स्ट्राइकर के रूप में की थी। बाद में उन्होंने गोलकीपिंग पर ध्यान देना शुरू किया और इसी भूमिका में अपनी पहचान बनाई। फुटबॉल में पोजिशन बदलना खिलाड़ी के लिए नई तकनीक, अभ्यास और जिम्मेदारियों को अपनाने जैसा होता है। नंदिनी ने इसी बदलाव के बाद गोलकीपर के रूप में आगे बढ़ते हुए भारतीय सीनियर टीम तक का सफर तय किया।

रूस के खिलाफ मुकाबले में उन्हें दूसरे हाफ में गोलकीपर के तौर पर मैदान पर उतारा गया। यह मौका उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने और सीनियर टीम के अनुभव को समझने का अवसर भी रहा।

चंडीगढ़ में की पढ़ाई, कोच से सीखा खेल

नंदिनी चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-22 की पूर्व छात्रा हैं। उन्होंने कोच भूपिंदर सिंह पिंका के मार्गदर्शन में फुटबॉल का प्रशिक्षण लिया। स्थानीय स्तर पर अभ्यास और लगातार मेहनत के बाद राष्ट्रीय टीम तक पहुंचना उनके खेल सफर की अहम उपलब्धि है।

शहर की युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा

नंदिनी की उपलब्धि चंडीगढ़ की उन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकती है, जो फुटबॉल में अपना करियर बनाना चाहती हैं। सीनियर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाना किसी भी खिलाड़ी के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यहां उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के खिलाफ खेलने का अनुभव मिलता है।

हालांकि, रूस के खिलाफ भारतीय टीम का प्रदर्शन चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन ऐसे मुकाबले युवा खिलाड़ियों को अपनी कमियों को समझने और आगे बेहतर तैयारी करने का अवसर देते हैं। नंदिनी का डेब्यू उनके व्यक्तिगत करियर के साथ-साथ चंडीगढ़ की महिला फुटबॉल के लिए भी एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।

भारतीय टीम के लिए आगे की चुनौती

रूस के खिलाफ दोनों मैचों में हार के बाद भारतीय महिला टीम के सामने अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की चुनौती है। पहले मुकाबले में भारत 0-4 से और दूसरे में 0-8 से हारा। इन मैचों से टीम को मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अपनी तैयारी, रक्षात्मक रणनीति और गोल बचाने की क्षमता पर काम करने का अनुभव मिला।

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