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पंजाब के फाजिल्का में बारिश से धान बहा, किसानों और आढ़तियों ने हाईवे किया जाम

12 अक्टूबर 2026:  पंजाब में बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फाजिल्का की अनाज मंडी में रातभर हुई बारिश के कारण भारी जलभराव हो गया। मंडी में रखा धान पानी में डूब गया और कई जगह धान के ढेर बह गए। इससे किसानों और आढ़तियों को करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका है। बारिश के बाद मंडी में जल निकासी की व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। विरोध में किसानों और आढ़तियों ने फाजिल्का-फिरोजपुर हाईवे जाम कर दिया और नुकसान की भरपाई की मांग की।

मंडी में 3 से 4 फीट तक भरा पानी

रिपोर्ट के मुताबिक, फाजिल्का की करीब 90 एकड़ में फैली अनाज मंडी बारिश के बाद पानी से भर गई। कई जगह पानी का स्तर तीन से चार फीट तक पहुंच गया। मंडी में आवाजाही मुश्किल हो गई और कुछ लोगों को दुकानों के बीच आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ा।

मंडी में रखी धान की बोरियां और खुले में पड़े धान के ढेर पानी की चपेट में आ गए। किसान, मजदूर और आढ़ती अपनी उपज बचाने के लिए परेशान नजर आए।

लाखों बोरियां मंडी में थीं मौजूद

मार्केट कमेटी के सूत्रों के अनुसार, मंडी में बिक्री हो चुका और बिक्री के इंतजार में रखा करीब सात से आठ लाख बोरियों का धान मौजूद था। अचानक हुई बारिश ने इस उपज को नुकसान पहुंचाया।

किसान कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने शनिवार शाम ट्रक-ट्रॉली में धान उतारा था, लेकिन सुबह तक उनकी उपज वहां नहीं मिली। उन्होंने मंडी में पर्याप्त इंतजाम न होने पर सवाल उठाए।

वहीं, कोठा थंगनी गांव के किसान रवि चौधरी ने बताया कि उनकी फसल की अभी नीलामी नहीं हुई थी। उन्होंने धान को तिरपाल से ढक रखा था, इसके बावजूद पानी के कारण उनकी उपज बह गई।

जल निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल

बारिश के बाद मंडी में पानी भरने से जल निकासी की व्यवस्था को लेकर नाराजगी बढ़ गई। आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव गोल्डी सचदेवा ने नुकसान करोड़ों रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि जल निकासी के लिए पहले से व्यवस्था करने की मांग की गई थी, लेकिन इस दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए।

आढ़तियों का कहना है कि व्यक्तिगत स्तर पर प्रत्येक किसान और व्यापारी के नुकसान का आकलन करना मुश्किल होगा। ऐसे में प्रशासन को नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित लोगों को राहत देने की जरूरत है।

किसानों और आढ़तियों ने किया हाईवे जाम

मंडी में धान को हुए नुकसान और जल निकासी की खराब व्यवस्था के विरोध में किसानों और आढ़तियों ने फाजिल्का-फिरोजपुर हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि नुकसान की निष्पक्ष जांच हो और प्रभावित किसानों तथा आढ़तियों को उचित मुआवजा दिया जाए।

प्रदर्शन के जरिए उन्होंने मंडी में पानी निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए पहले से तैयारी करने की मांग भी उठाई।

प्रशासन ने कार्रवाई की सिफारिश की

फाजिल्का की डिप्टी कमिश्नर अमरप्रीत कौर संधू ने बताया कि मंडी बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। हालांकि, प्रत्येक प्रभावित किसान और आढ़ती को हुए नुकसान का आकलन करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि राहत संबंधी फैसला वास्तविक नुकसान के आधार पर लिया जा सके।

बारिश से धान की खरीद और भंडारण पर भी असर

धान की कटाई और खरीद के समय बारिश होने से किसानों को दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों से काटकर मंडियों में लाई गई फसल को सुरक्षित रखना जरूरी होता है। यदि मंडियों में पानी भर जाए या धान लंबे समय तक गीला रहे, तो उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने और खरीद प्रक्रिया में देरी होने का खतरा बढ़ सकता है।

फाजिल्का की घटना ने मंडियों में बेहतर जल निकासी, पर्याप्त ढकाव और बारिश से पहले धान को सुरक्षित रखने के इंतजामों की जरूरत को फिर सामने ला दिया है।

पंजाब के फाजिल्का में रातभर की बारिश से अनाज मंडी में भारी जलभराव हुआ और धान को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसके विरोध में किसानों और आढ़तियों ने फाजिल्का-फिरोजपुर हाईवे जाम कर मुआवजे की मांग की। प्रशासन ने मंडी बोर्ड के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। अब प्रभावित लोगों को नुकसान के आकलन और राहत संबंधी फैसले का इंतजार है।

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