8 अक्टूबर 2026: पंजाब में धान खरीद का सीजन तेजी से आगे बढ़ रहा है। लुधियाना जिले की अनाज मंडियों में अब तक 84,949.88 मीट्रिक टन धान पहुंच चुका है। पंजाब मंडी बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, इसमें से 79,083.42 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। हालांकि खरीदे गए धान में से अभी बड़ी मात्रा में फसल का उठान बाकी है।
खन्ना मंडी में सबसे ज्यादा धान की आवक
लुधियाना जिले की अलग-अलग मंडियों में धान की आवक जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक खन्ना अनाज मंडी में सबसे अधिक 31,740.50 मीट्रिक टन धान पहुंचा है। इससे पता चलता है कि जिले की प्रमुख मंडियों में खरीद प्रक्रिया इस समय पूरी रफ्तार से चल रही है।
कुल आवक में से अब तक 79,083.42 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। वहीं खरीदे गए धान में से केवल 23,895.98 मीट्रिक टन का उठान हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार खरीदी गई फसल का 69.78 प्रतिशत हिस्सा अभी उठाया जाना बाकी है।
मंत्री ने जगराओं मंडी में व्यवस्थाओं का लिया जायजा
पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने बुधवार को जगराओं अनाज मंडी का दौरा कर धान खरीद की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से मंडी में खरीद, उठान, बारदाने और किसानों को भुगतान से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
मंत्री के अनुसार राज्य सरकार ने 2026-27 के धान खरीद सीजन के लिए 180 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य तय किया है। किसानों की फसल के लिए ₹2,461 प्रति क्विंटल का मूल्य निर्धारित है।
किसानों को 24 घंटे में भुगतान का दावा
लाल चंद कटारूचक ने कहा कि खरीदी गई धान की फसल का भुगतान किसानों के बैंक खातों में 24 घंटे के भीतर किया जा रहा है। सरकार की ओर से खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए पर्याप्त वित्तीय व्यवस्था किए जाने की बात भी कही गई है।
धान खरीद के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से ₹42,786.68 करोड़ की Cash Credit Limit (CCL) जारी की गई है। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को खरीद के बाद भुगतान में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
मंडियों में बारदाने की व्यवस्था
मंत्री ने बताया कि मंडियों में बारदाना भी पहुंच चुका है, ताकि खरीदी गई फसल की पैकिंग और आगे की प्रक्रिया में किसी तरह की रुकावट न आए। अधिकारियों को खरीद के साथ-साथ धान के समय पर उठान और परिवहन व्यवस्था पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने यह भी कहा है कि किसानों और आढ़तियों को धान बेचने के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। अधिकारियों को मंडियों में व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूसरे राज्यों से धान लाने पर रोक
लाल चंद कटारूचक ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही दूसरे राज्यों से धान पंजाब की मंडियों में लाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य पंजाब के किसानों की उपज के लिए मंडियों में उपलब्ध खरीद व्यवस्था को सुरक्षित रखना है।
पंजाब की मंडियों में भी तेजी से बढ़ रही आवक
पूरे पंजाब की बात करें तो अब तक करीब 8.50 लाख मीट्रिक टन धान राज्य की मंडियों में पहुंच चुका है। इसमें से करीब 7.50 लाख मीट्रिक टन धान सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा खरीदा जा चुका है।
लुधियाना भी राज्य के प्रमुख कृषि जिलों में शामिल है और यहां मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में मंडियों पर खरीद और उठान का दबाव और बढ़ सकता है।
पराली प्रबंधन पर भी जोर
धान खरीद के साथ-साथ सरकार की ओर से पराली प्रबंधन को लेकर भी किसानों से अपील की जा रही है। मंत्री ने कहा कि पंजाब की हवा, पानी और जमीन को प्रदूषण से बचाना सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने किसानों से पराली जलाने से बचने की अपील की।
सरकार का जोर इस बात पर है कि खरीद प्रक्रिया के साथ-साथ फसल अवशेष प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि धान के सीजन के दौरान प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित किया जा सके।
किसानों के लिए आगे भी बढ़ेगी खरीद प्रक्रिया
लुधियाना की मंडियों में धान की आवक और खरीद जारी है। बड़ी मात्रा में फसल खरीदे जाने के बावजूद उठान का एक बड़ा हिस्सा अभी बाकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रशासन और खरीद एजेंसियों के सामने समय पर उठान सुनिश्चित करना अहम चुनौती होगी।
कुल मिलाकर, लुधियाना जिले की मंडियों में अब तक 84,949.88 मीट्रिक टन से अधिक धान पहुंच चुका है, जिसमें से 79,083.42 मीट्रिक टन की खरीद हो गई है। खन्ना मंडी सबसे ज्यादा आवक वाली मंडी रही है। पंजाब सरकार ने किसानों को समय पर भुगतान, पर्याप्त बारदाने और सुचारू खरीद का भरोसा दिया है।
