8 अक्टूबर 2026: पंजाब सरकार ने उद्योगों की जरूरत और युवाओं के कौशल के बीच अंतर को कम करने के लिए HUNAR पोर्टल लॉन्च किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की शुरुआत की। सरकार के मुताबिक, इसका उद्देश्य उद्योगों, शिक्षण संस्थानों, स्किल डेवलपमेंट संस्थानों और कुशल युवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ना है, ताकि कंपनियों के लिए सही उम्मीदवार तलाशना आसान हो और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
HUNAR का क्या मतलब है?
HUNAR का पूरा नाम Hub for Upskilling, Networking, and Access to Rozgar है। इसे एक तरह के वर्कफोर्स-मैचिंग प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है।
इसके जरिए कोई उद्योग अपनी जरूरत के मुताबिक ऐसे संस्थानों की पहचान कर सकेगा, जहां संबंधित तकनीकी या व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कंपनियां यह भी देख सकेंगी कि किसी विशेष कौशल वाले कितने विद्यार्थी उपलब्ध हैं और इसके आधार पर अपनी भर्ती की जरूरत पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगी।
1,700 से ज्यादा संस्थान पोर्टल पर जुड़े
सरकार के अनुसार, HUNAR पोर्टल पर अब तक 1,700 से ज्यादा संस्थानों को जोड़ा जा चुका है। इनमें ITI, पॉलिटेक्निक, कॉलेज, विश्वविद्यालय, मेडिकल और नर्सिंग संस्थान तथा विभिन्न स्किलिंग सेंटर शामिल हैं।
इससे उद्योगों को अलग-अलग संस्थानों से संपर्क करने के बजाय एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध प्रतिभा और पाठ्यक्रमों की जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है।
कंपनियों के लिए भर्ती प्रक्रिया होगी आसान
HUNAR पोर्टल का एक प्रमुख उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया में लगने वाले समय और लागत को कम करना है। किसी कंपनी को अगर किसी खास तकनीकी या व्यावसायिक कौशल वाले कर्मचारियों की जरूरत है, तो वह पोर्टल के माध्यम से संबंधित संस्थानों और उपलब्ध विद्यार्थियों की जानकारी प्राप्त कर सकती है।
इसके बाद नियोक्ता अपनी भर्ती की आवश्यकता को व्यवस्थित तरीके से पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। इससे संस्थानों और कंपनियों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने में मदद मिलेगी।
स्थानीय युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार से जोड़ने पर जोर
पोर्टल में स्थानीय रोजगार का विकल्प भी शामिल किया गया है। इसके जरिए उद्योग अपने आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध योग्य और प्रशिक्षित युवाओं की पहचान कर सकेंगे।
सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है। साथ ही, कंपनियों को अपने आसपास उपलब्ध प्रतिभा तक पहुंच बनाने में आसानी होगी।
इंटर्नशिप और इंडस्ट्री ट्रेनिंग का भी मिलेगा रास्ता
HUNAR केवल नौकरी तक सीमित नहीं रहेगा। इसके जरिए इंटर्नशिप, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट सहयोग को भी बढ़ावा देने की योजना है।
उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच लंबे समय के सहयोग के तहत पाठ्यक्रम तैयार करने, फैकल्टी डेवलपमेंट, गेस्ट लेक्चर, तकनीकी सहयोग और विद्यार्थियों की इंडस्ट्री से जुड़ी गतिविधियों में भागीदारी जैसे अवसर भी विकसित किए जा सकते हैं।
FastTrack Punjab से भी जोड़ा गया पोर्टल
HUNAR को पंजाब सरकार के FastTrack Punjab Portal के साथ भी इंटीग्रेट किया गया है। पहले से पंजीकृत उद्योग अपने मौजूदा FastTrack क्रेडेंशियल के जरिए HUNAR तक पहुंच बना सकेंगे।
इससे निवेश और उद्योग से जुड़ी सरकारी सुविधाओं के साथ स्किल और भर्ती से संबंधित प्रक्रियाओं को भी डिजिटल तरीके से जोड़ने की कोशिश की गई है।
पंजाब में निवेश बढ़ने के बीच पहल
सरकार के मुताबिक, पिछले साढ़े चार वर्षों में पंजाब में करीब ₹1.89 लाख करोड़ के निवेश आए हैं और लगभग 2,600 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा के अनुसार, इस साल अकेले करीब ₹60,000 करोड़ के निवेश के जमीन पर उतरने की उम्मीद है।
ऐसे में सरकार का कहना है कि उद्योगों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रशिक्षित और योग्य मानव संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है। HUNAR पोर्टल इसी जरूरत को पूरा करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।
रोजगार और स्किल के बीच की दूरी कम करने की कोशिश
पंजाब में बड़ी संख्या में युवा अलग-अलग तकनीकी, व्यावसायिक और उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई और प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। दूसरी ओर, उद्योगों को कई बार अपनी जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित कर्मचारियों की तलाश में परेशानी होती है।
HUNAR पोर्टल के जरिए दोनों पक्षों के बीच यह दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। अगर पोर्टल पर संस्थानों, विद्यार्थियों और उद्योगों की जानकारी प्रभावी तरीके से अपडेट रहती है, तो भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार का HUNAR पोर्टल उद्योगों, शिक्षण संस्थानों और कुशल युवाओं को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने की पहल है। सरकार को उम्मीद है कि इससे कंपनियों को योग्य कर्मचारी तलाशने में आसानी होगी, युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उद्योग-शिक्षा के बीच बेहतर तालमेल विकसित होगा।
