8 अक्टूबर 2026: हरियाणा कांग्रेस ने जातीय जनगणना को लेकर अपनी मांग तेज करते हुए बुधवार को राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से मुलाकात की और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने आगामी जनगणना में जातियों की सही और वैज्ञानिक तरीके से गणना सुनिश्चित करने की मांग की। पार्टी का कहना है कि सटीक जातिगत आंकड़े सामाजिक न्याय, सरकारी योजनाओं और विभिन्न वर्गों के उचित प्रतिनिधित्व के लिए जरूरी हैं।
भूपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में मिला प्रतिनिधिमंडल
राज्यपाल से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने किया। उनके साथ हरियाणा कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, कांग्रेस के OBC विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जय हिंद, पूर्व सांसद राज बब्बर और हरियाणा कांग्रेस OBC विभाग के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश समेत कई नेता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन में जातियों की गणना के लिए स्पष्ट व्यवस्था बनाने की मांग की। पार्टी ने कहा कि केवल लोगों से उनकी जाति पूछकर उसे दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि आंकड़ों को वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से तैयार करने की जरूरत है।
OBC के लिए अलग और स्पष्ट कॉलम की मांग
कांग्रेस ने जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी OBC के लिए स्पष्ट और अलग श्रेणी या कॉलम रखने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यदि OBC की पहचान और संख्या स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं होती है तो देश में इस वर्ग की वास्तविक जनसंख्या से संबंधित भरोसेमंद आंकड़े तैयार करना मुश्किल होगा।
भूपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि मौजूदा जनगणना प्रक्रिया में जातियों की पहचान दर्ज करने के लिए स्पष्ट व्यवस्था नहीं दिखाई दे रही है। उन्होंने सरकार से जाति के लिए अलग कॉलम और ऐसी व्यवस्था लागू करने की मांग की, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों में एक ही जाति के अलग नाम होने के बावजूद सही आंकड़े सामने आ सकें।
‘Unique Scientific Caste Code’ की मांग
ज्ञापन में कांग्रेस ने प्रत्येक मान्य जाति या समुदाय के लिए एक विशिष्ट वैज्ञानिक कोड तैयार करने का सुझाव दिया है। पार्टी के अनुसार, देश के अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों में कई समुदायों को अलग-अलग नाम, उपनाम, स्थानीय नाम या अलग वर्तनी से जाना जाता है।
कांग्रेस का कहना है कि यदि इन नामों को बिना मानकीकरण के अलग-अलग दर्ज किया गया तो एक ही समुदाय की आबादी कई अलग-अलग श्रेणियों में बंट सकती है। इससे जातिगत आंकड़ों की वास्तविक तस्वीर प्रभावित होने की आशंका है।
मूल पहचान भी रिकॉर्ड में रखने की मांग
कांग्रेस ने यह भी सुझाव दिया कि नागरिक द्वारा बताई गई जाति का मूल नाम रिकॉर्ड में सुरक्षित रखा जाए, ताकि व्यक्ति की स्व-पहचान बनी रहे। इसके साथ विशेषज्ञ सत्यापन के बाद समान या मान्य क्षेत्रीय नामों और वर्तनी को एक मानक कोड से जोड़ा जा सके।
पार्टी ने राज्य और केंद्र की आधिकारिक सूचियों के आधार पर राज्यवार मानक जाति सूची तैयार करने की मांग भी की है। कांग्रेस के मुताबिक किसी भी दो जातियों या समुदायों के नाम को बिना उचित जांच के एक नहीं किया जाना चाहिए।
डिजिटल जनगणना में तकनीकी व्यवस्था की मांग
ज्ञापन में डिजिटल जनगणना के दौरान खोज आधारित ड्रॉप-डाउन या assisted selection system उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है। इसके जरिए सामान्य वर्तनी, क्षेत्रीय नाम और मान्य पर्यायवाची नामों को पहचानकर संबंधित मानक कोड से जोड़ा जा सकेगा।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि यदि किसी वास्तविक जाति या समुदाय का नाम पहले से तैयार सूची में मौजूद नहीं है तो उसे दर्ज करने और बाद में विशेषज्ञों के माध्यम से सत्यापन की व्यवस्था होनी चाहिए।
विशेषज्ञ समिति और राज्यों से परामर्श की मांग
कांग्रेस ने जातीय जनगणना की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए समाजशास्त्रियों, मानवशास्त्रियों, जनसांख्यिकी विशेषज्ञों, सांख्यिकीविदों, जनगणना और डेटा प्रबंधन विशेषज्ञों तथा सामाजिक न्याय से जुड़े विशेषज्ञों की बहु-विषयक समिति बनाने का सुझाव दिया है।
पार्टी ने तेलंगाना में किए गए Socio-Economic, Educational, Employment and Political यानी SEEEP सर्वे की प्रक्रिया और अनुभव का अध्ययन करने की भी मांग की है। इसके अलावा जाति और सामाजिक संगठनों के साथ राज्यवार परामर्श करने की बात कही गई है।
OBC Rights Rally में भी उठाया मुद्दा
राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस नेताओं ने चंडीगढ़ स्थित हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय ‘OBC Rights Rally’ में भी जातीय जनगणना के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जातीय आंकड़ों के आधार पर ही विभिन्न सामाजिक वर्गों की स्थिति और उनके प्रतिनिधित्व को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सामाजिक न्याय से जोड़ते हुए आगे भी अपनी मांग जारी रखने के संकेत दिए हैं।
आगे आंदोलन तेज करने की तैयारी
कांग्रेस नेताओं ने जातीय जनगणना की मांग को लेकर हरियाणा में आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही है। पार्टी की ओर से जिला स्तर पर भी ज्ञापन और प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि जातिगत आंकड़े शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ी नीतियां बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
कुल मिलाकर, हरियाणा कांग्रेस ने जातीय जनगणना में OBC के लिए स्पष्ट और अलग कॉलम, वैज्ञानिक जाति कोडिंग और विशेषज्ञों की मदद से मानकीकृत डेटा तैयार करने की मांग को लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने कहा है कि सही और वैज्ञानिक जातिगत आंकड़े सामाजिक न्याय तथा विभिन्न वर्गों के उचित प्रतिनिधित्व के लिए महत्वपूर्ण हैं।
